रायपुर, 17 जुलाई । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए कहा कि यह सिर्फ मेरा आरोप नहीं, यह आम जनता का आरोप है। साय सरकार को अब तक 136 हफ्ते हो गए हैं। यह अविश्वास प्रस्ताव किसान, महिलाओं, युवाओं के खिलाफ रचे गए हर हफ्ते के षड्यंत्र का दस्तावेज है। हर हफ्ते का एक पाप, हर हफ्ते का एक धोखा, हर हफ्ते की नाकामी का पूरा दस्तावेज पेश कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत ने कहा कि 1963 में जब आचार्य जेपी कृपलानी ने नेहरू सरकार के विरुद्ध लोकसभा में पेश किया था, तब खुद नेहरू ने उसका स्वागत करते हुए कहा था कि सरकार के ख़िलाफ़ लोकतंत्र में ऐसी बहस होती रहे यह अच्छी परम्परा है। 1979 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को यह आभाष हुआ कि सदन में उनकी स्थिति ठीक नहीं है, तो उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के पहले ही त्यागपत्र देना स्वीकार कर लिया।
संत पवन दीवान ने लिखा है कि चुप-चुप रहकर सब कुछ सहकर सबका मान बढ़ाते हैं, बार-बार अपमानित होकर ग़ैरों का गुणगान करते हैं, मेहमानों को खूब खिलाकर चुपचाप सो जाते हैं, इसलिए ही छत्तीसगढ़िया परबुद्धि कहलाते हैं। छत्तीसगढ़ में सब कुछ है लेकिन कमी है स्वाभिमान की। मुझसे सही नहीं जाती ऐसी चुप्पी वर्तमान की। मंत्री ओपी चौधरी और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ के लोगों को परबुद्धि कहने पर आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, यह मेरा लिखा नहीं है। यह संत पवन दीवान की लिखी कविता है। मंत्री ओपी चौधरी के नाम का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आप कब पैदा हुए मुझे नहीं पता, लेकिन ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ मेरे पिता का दिया नारा था। हम छत्तीसगढ़ की मूल भावना चरित्र को रख रहे हैं, उसमें भी लोगों को तकलीफ हो रही है।
उन्होंने कहा कि 26 जुलाई 2022 को हम लोगों ने एक पवित्र निर्णय लिया था। सर्वसम्मति से एक संकल्प लाया था कि हसदेव में आबंटित कॉल ब्लॉक को रद्द करते हैं। यह सरकार जब बनी तब मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल ने शपथ नहीं लिया था, लेकिन 11 दिसंबर को हसदेव अरण्य को काटने का सिलसिला शुरू हो गया। हसदेव अरण्य को मध्य भारत का फेफड़ा कहते हैं। वहाँ के आदिवासियों की यह आस्था है। लेकिन मंत्रिमंडल आने के पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों ने खनन करने के लिए सौंप दिया। पंद्रह हज़ार पेड़ों का डेथ वारंट जारी कर दिया। मैं मानता हूँ कि यह छत्तीसगढ़ की संप्रभुता पर हमला है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान की विधानसभा में हमारा मजाक उड़ाते हैं। सरकार के आते ही सरकार की करनी का क्या-क्या फल भुगतना पड़ रहा है। अपनी जड़ें काटकर दूसरों का महल बनाना चाहते हैं। यह कोई गोदाम है क्या कि जब चाहे तब आरी चला दो। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिस ढंग से मुख्यमंत्री के शपथ लेने के पहले ही काटने की अनुमति दे दी, उसकी मैं निंदा करता हूँ। जिस रास्ते भगवान राम के पद चिह्न हैं, उसे उद्योगपति को सौंप दिया और हमारे हिस्से हाथी-मानव द्वन्द सौंप दिया है। जिन लोगों को पंद्रह साल के लिए जंगल मिला था, उसे नौ साल में ही काट डाला। मैं कैसे सरकार को शाबासी दूँ?
डॉ. महंत ने कहा कि गुरु बाबा घासीदास जी को जहां ज्ञान मिला वहाँ के जैतस्तंभ को किसी दुष्ट व्यक्ति ने काट दिया। इस घटना ने समाज को उद्वेलित कर दिया। क्या हुआ इस घटना का? इतने दिनों तक इसकी जाँच नहीं हो पाई।कोरिया जिले में 29 वर्षीय महिला का बलात्कार कर उसे ज़िंदा जला दिया गया। थाने पहुंचे एक फरियादी को पीट-पीट कर मार डाला गया। राखी के दिन मुख्यमंत्री के क्षेत्र में एक बहन का रेप कर मार दिया। इसे जंगलराज ना कहूँ, तो क्या कहूँ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के मॉडल को किसने गूँथा। इसे बनाने वाले तो मुंबई से थे। राज्य की जनता को कृषि पर आधारित है, उसे तीसरे नम्बर पर रख दिया। उद्योगों को बढ़ावा दिया। सेवा क्षेत्र को बढ़ावा दिया। पिछले ढाई साल में जो काम सरकार ने किया है यह किसानी को खत्म करने की है। ये सब सोची समझी राजनीति है। बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों को छत्तीसगढ़ सौंपकर मुक्त होना चाहते हैं। मुख्यमंत्री जी आदिवासी हैं, लेकिन पेसा क़ानून की राज्य में क्या हालत है? किस तरह आदिवासी इलाक़ों में इसका हाल हुआ है? खदान वाले इलाक़ों से आदिवासी भगाए जा रहे हैं।
डॉ. महंत ने कहा कि भारतमाला परियोजना में पाँच सौ करोड़ रुपये से ज़्यादा का भ्रष्टाचार हुआ है। एक खसरे के कई-कई टुकड़ों में बेचा गया। हमारे पैसों में भ्रष्टाचार हो रहा है तो इसका दोष मैं किसे दूँ? मनमोहन सिंह की सरकार में वनभूमि अधिनियम बना था। पट्टा देने का प्रावधान किया था। इसे भी आप नहीं कर रहे हैं।
महतारी वंदन योजना की वजह से आपकी सरकार बनी है। अगर यह योजना नहीं बनती तो आपना राम नाम सत्य हो गया था। सरकार इस योजना के ज़रिए पुरुषों को शराब पिला रही है। बच्चों को शराब पिला रहे हैं। एक महीने में एक हज़ार करोड़ रुपये का शराब पिलाकर देश में रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। मंत्री का वीडियो है मेरे पास, जिसमें उन्होंने कहा था कि शराब से जो पैसा आता है, उसे ही हम महतारी वंदन में देते हैं।
चरण दास महंत ने कहा कि उच्च शिक्षा का हाल भी बुरा है। अध्यापकों के पद खाली हैं लेकिन सरकार नया विधेयक ला रही है। इसके बाद किराए की एक खोली में भी महाविद्यालय खुल सकेगा। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक हज़ार 418 पद खाली हैं। चिकित्सा अधिकारी के 560 और अन्य लोगों के करीब ढाई हज़ार पद खाली हैं। इन पदों को क्यों नहीं भरा जा रहा है? उन्होंने कहा मनरेगा को आपने ठप्प कर दिया। लाखों लोग भूखे मर रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं है। मनरेगा का नाम बदल दिया है। राम के नाम पर किया है तो नियम तो बना ले।
नागदबरा गांव के बैगा लोगों को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहते हैं। तीन बैगाओं की मौत हुई थी। खुले में पोस्टमार्टम कर उसे जलने से मौत बता दिया गया। बलरामपुर जिले में एक एसडीएम ने बुजुर्ग को पीटकर मार डाला। सूरजपुर में एक एसडीएम उसके पास आए फरियादी को ही पीटता है। राजनांदगांव से राजधानी तक खुलेआम गोली चल रही है। राज्य में सूखा नशा गली गली घूम रहा है। मेरे दूर का रिश्तेदार हंसते हंसते मर गया। पिता ने उसे टोककर कहा था कि नशा कर क्यों समाज को बदनाम कर रहा है। वह कमरे में गया और फांसी लगाकर मर गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा 16 जून को कोरिया जिले में हुई हत्या ने दिल दहला दिया। रेत की लड़ाई में तीन लोगों की हत्या हो गई। सक्ती जिले में मोटरसाइकिल से दो लोग आकर घर पर पूछा कि लड़की कहाँ है? लड़की आई तो उसे तीन गोली मारकर चले गए। कोटमी में सोने-चाँदी का सामान बेचने गए लोगों को लूटने की कोशिश की गई। नहीं दिया गया तो गोली मार कर चले गए। ढाई साल में इतना ख़राब समाज कहां से आ गया?
राज्य की नदियाँ पर्यावरण की रीढ़ है। नदियों को खोद देंगे तो हमारी पीढ़ियाँ क्या करेंगी? शराब को लेकर हम पर बहुत आरोप लगते थे। अब क्या हो रहा है? एक हज़ार करोड़ रुपये की शराब एक दिन में बिक रही है। सड़क हादसे में रुककर मदद करने जायें तो हमे डर लगता है कि कहीं लोग हमे ना पीट दें?
महंत ने कहा नक्सलवाद के खात्मे पर सदन ने बधाई दी। धन्यवाद प्रस्ताव लाया था। हम उसकी चर्चा में नहीं थे, क्योंकि उस दिन ग़रीब आदिवासी जो मारे गए उनकी चर्चा नहीं की गई। गरीब निर्दोष आदिवासियों की रिहाई का मामला अटका है। बड़े-बड़े हथियार वाले बाहर हैं। निर्दोष आदिवासियों की चिंता कर लेनी चाहिए। खनिज पर्यावरण पुलिस का दोस्ताना संबंध चल रहा है। बलरामपुर में अवैध रेत खनन रोकने गए अधिकारी को रौंद कर मार डाला। मवेशी ब्लू डस्ट से मर रहे हैं। उद्योगों से निकलने वाले राखड़ से लोग प्रभावित हुए हैं। कई लोगों की मौत हुई है।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि, बिजली की दर बहुत बढ़ा दी गई है, यह समझ के परे है। नेता प्रतिपक्ष महंत ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी काे याद करते हुए कहा कि, सरकारें आती हैं, सरकारें जाती हैं लेकिन देश बचा रहना चाहिए। यह प्रजातंत्र तब तक जीवित रहेगा जब तक शासक सेवक रहे, इसे याद रखना चाहिए।