नई दिल्ली, 21 जुलाई । दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को संसद सुरक्षा में चूक के मामले के आरोपित सागर शर्मा को अपने पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कारों में हिस्सा लेने के लिए 30 दिनों की अंतरिम जमानत दी है। एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल ने पचास हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान सागर शर्मा की ओर से पेश वकील सोमार्जुन वीएम ने कहा कि याचिकाकर्ता 14 दिसंबर 2023 से हिरासत में है। वो अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य है। उसके पिता रोशन लाल शर्मा का निधन 14 जुलाई को हो गया और उसके पिता की तेरहवीं 22 जुलाई को होनी है। उसके परिवार में अब उसकी मां और बहन हैं। अपने पिता की तेरहवीं का संस्कार करने के लिए वही पुरुष सदस्य है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि मानवीय आधार पर सागर शर्मा को जमानत दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सागर शर्मा के पिता की मौत का वेरिफिकेशन कर लिया गया है।
इस मामले में सागर शर्मा समेत चार आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 जुलाई 2025 को दो आरोपितों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी थी।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने 7 जून 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपितों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट करीब एक हजार पन्नों की है।
घटना 13 दिसंबर 2023 की है जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपित चैंबर में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की। कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया। संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।