मध्य प्रदेश में आगामी 7 अगस्त से शुरू होगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026

भोपाल, 28 जुलाई । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश की जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 आगामी 7 अगस्त से प्रारंभ होगा।

उन्होंने कहा कि आगामी 8 जनवरी 2027 तक संचालित होने वाले इस अभियान में मंत्री, मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि नियमित रूप से मैदानी भ्रमण कर आमजन से संवाद करेंगे, समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे तथा शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के जमीनी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष आकलन करेंगे।

सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की पहल

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के साथ-साथ मैदानी स्तर से प्राप्त फीडबैक के आधार पर प्रशासन के पर्यवेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करते हुए सुशासन की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।

प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच रहेगा प्रशासन

जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को प्रदेशभर में विशेष फील्ड भ्रमण किया जाएगा। इस दिन अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित नहीं होंगी तथा पूरा दिन केवल मैदानी भ्रमण, जनसंवाद एवं समस्याओं के निराकरण के लिए समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग एवं जिला स्तर तक सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे और शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। जिला कलेक्टर प्रत्येक भ्रमण क्षेत्र का चयन एक सप्ताह पूर्व करेंगे तथा इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को देंगे। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें।

भ्रमण से पहले होगी लंबित प्रकरणों की समीक्षा

उन्होंने बताया कि भ्रमण से पूर्व संबंधित क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर उनके शत-प्रतिशत निराकरण का प्रयास किया जाएगा। भ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का भी यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रमण से पूर्व एवं भ्रमण के बाद लंबित प्रकरणों की तुलना कर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा तथा अभियान की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर पर की जाएगी।

जन संवाद और उद्योग संवाद पर रहेगा विशेष फोकस

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, प्रत्येक शुक्रवार जिला कलेक्टर अपने जिले के अधिकारियों के साथ फील्ड भ्रमण करेंगे। इस दौरान जन संवाद एवं उद्योग संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री के भ्रमण वाले जिले में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। अभियान के प्रथम चरण में अगस्त माह के लिए बड़वानी, सीधी, श्योपुर तथा पांढुर्ना जिले निर्धारित किए गए हैं।

प्रमुख विषयों पर होगी व्यापक समीक्षा

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई की लंबित शिकायतों, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारे, न्यायालयीन आदेशों के पालन, किसान फार्मर आईडी निर्माण, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आंगनवाड़ी सेवाओं, स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, खाद-बीज उपलब्धता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की व्यापक समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके साथ ही सड़कों, तालाबों, अमृत सरोवरों, बांधों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, शासकीय भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया जाएगा। आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक सहकारी समितियों, तहसीलों, कृषि उपज मंडियों, मदिरा दुकानों, पुलिस थानों, लोक सेवा केन्द्रों, शासकीय देवस्थानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। खाद-बीज विक्रेताओं, गैस गोदामों, पेट्रोल पम्पों, विस्फोटक एवं पटाखा लाइसेंसधारियों, अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं तथा निजी विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा।

कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष नजर

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है अथवा नहीं, इसका भी आकलन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर चिन्हित प्रमुख समस्याओं, शिकायतों एवं चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।

सादगी और मितव्ययिता होगी अभियान की विशेषता

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान सादगी एवं मितव्ययिता के सिद्धांतों पर संचालित होगा। अभियान के दौरान अनावश्यक साज-सज्जा एवं गैर-जरूरी व्यय से परहेज किया जाएगा। वाहनों की पूलिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी तथा संवाद कार्यक्रम शासकीय संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के चार प्रमुख स्तंभ संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग अभियान का नोडल विभाग रहेगा। यह अभियान प्रदेश में जनभागीदारी आधारित सुशासन को नई दिशा देने, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने तथा शासन और जनता के बीच विश्वास के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।