जयपुर, 26 अगस्त । रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर द्वितीय की खाद्य सुरक्षा टीम ने बुधवार को मानसरोवर क्षेत्र में मिठाई और खाद्य सामग्री की दुकानों पर कार्रवाई की। टीम ने करीब 50 किलो संदिग्ध मिल्क केक सीज, 20 किलो घटिया पनीर और 125 किलो दूषित मिठाइयां मौके पर नष्ट करवाईं। कार्रवाई के दौरान करीब एक दर्जन दुकानों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि मानसरोवर स्थित मैसर्स डीजे पनीर उद्योग खैरथल और अलवर से मिल्क केक मंगवाकर मिठाई की दुकानों पर सप्लाई करता है। फर्म संचालक ने बताया कि मिल्क केक मिल्क पाउडर, लिक्विड ग्लूकोज आदि से तैयार किया जाता है और इसे करीब 250 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है। टीम ने मिल्क केक का नमूना लिया और शेष करीब 50 किलो संदिग्ध मिल्क केक को जांच रिपोर्ट आने तक कोल्ड रूम में सीज कर दिया।
इस निरीक्षण के दौरान फर्म पर रखा करीब 20 किलो पनीर भी घटिया गुणवत्ता का पाया गया। यह पनीर चौमूं से करीब 230 रुपए प्रति किलो की दर से मंगाया जा रहा था। टीम ने पनीर का नमूना लिया और शेष सामग्री को मौके पर नष्ट करवाया।
वहीं पत्रकार रोड स्थित मैसर्स जोधपुर मिष्ठान भंडार के निरीक्षण में टीम को करीब 125 किलो दूषित रसगुल्ले, कानपुरी लड्डू, घेवर और गुलाब जामुन मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इन्हें मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
टीम ने क्षेत्र की करीब एक दर्जन मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान जिन दुकानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमियां मिलीं, उन्हें इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार लिए गए खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। रक्षाबंधन को देखते हुए मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।