अयोध्या में मछली-भात भोज को लेकर झांसी के किशोरी रायकवार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, आयोजक पर कार्रवाई की मांग

झांसी, 01 सितंबर । अयोध्या में आयोजित कथित मछली-भात भोज को लेकर मत्स्य आखेट पर लागू प्रतिबंध के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सहकार भारती मत्स्य प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक किशोरी प्रसाद रायकवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र जिलाधिकारी झांसी के माध्यम से प्रेषित करते हुए उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

किशोरी प्रसाद रायकवार ने पत्र में कहा कि प्रदेश में 1 जून से 30 अगस्त तक मत्स्य आखेट और मछली के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य प्रजनन काल में मछलियों का संरक्षण करना है। इसके बावजूद अयोध्या में आयोजित मछली-भात भोज में बड़ी मात्रा में मछली काटे जाने और परोसे जाने का आरोप है।

उन्होंने सवाल उठाया कि प्रतिबंध की अवधि में इतनी बड़ी मात्रा में मछली कहां से लाई गई और किसने इसका आखेट किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग से इसकी जांच कराने की मांग की है। पत्र में करीब 500 किलोग्राम मछली भोज में इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख किया गया है।

रायकवार ने कहा कि यदि प्रतिबंधित अवधि में मछली का आखेट, खरीद-फरोख्त या बिक्री की गई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 की धारा 6 और 8 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अयोध्या के जिलाधिकारी और मत्स्य विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराई जाए। साथ ही आयोजक, मछली का आखेट करने वाले और उसकी खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की भूमिका निर्धारित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

रायकवार का कहना है कि प्रतिबंधित अवधि में मत्स्य आखेट की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई से मत्स्य संरक्षण के नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में नियमों की अनदेखी पर रोक लगेगी।