कोरबा, 03 सितंबर (हि. स.)। नागरिकों को न्याय के करीब लाने और न्यायिक सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में कटघोरा में परिवार न्यायालय की शुरुआत की गई। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने आज गुरुवार को व्यवहार न्यायालय कटघोरा में स्थापित परिवार न्यायालय का वर्चुअल उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने न्यायिक सेवाओं के विस्तार, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि परिवार न्यायालय के प्रारंभ होने से पारिवारिक विवादों से जुड़े पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा और उन्हें न्यायिक कार्यवाही के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने परिवार न्यायालय की स्थापना को न्याय वितरण प्रणाली को अधिक सुलभ, उत्तरदायी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
वर्चुअल उद्घाटन के बाद कटघोरा में शुरू हुए परिवार न्यायालय से संबंधित संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से नई न्यायिक सुविधा की कार्यप्रणाली और स्वरूप की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में परिवार न्यायालय कोरबा की प्रधान न्यायाधीश नीता यादव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा सागर चंद्राकर ने किया।
इस अवसर पर कोरबा जिले में पदस्थ न्यायिक अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र परासर, अधिवक्ता संघ कटघोरा के अध्यक्ष राजेश पाल सहित अधिवक्तागण और न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
परिवार न्यायालय की स्थापना से कटघोरा क्षेत्र के नागरिकों को पारिवारिक मामलों से संबंधित न्यायिक कार्यवाही के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक मंच उपलब्ध होगा।