सात्विक-चिराग ने पहली बार चाइना मास्टर्स का खिताब जीतकर रचा इतिहास

नई दिल्ली, 06 सितंबर । भारतीय बैडमिंटन की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने रविवार को इतिहास रचते हुए चाइना मास्टर्स-2026 का पुरुष युगल खिताब अपने नाम कर लिया।

चीन के शेन्जेन एरिना में खेले गए फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन की हे जी टिंग और रेन जियांग यू की जोड़ी को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी।

भारतीय जोड़ी ने पहली बार यह खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले 2023 और 2025 में इस टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन दोनों मौकों पर उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इस बार भारतीय जोड़ी ने फाइनल की बाधा पार करते हुए पहली बार चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम किया।

मुकाबले में सात्विक-चिराग की जोड़ी ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी की और निर्णायक गेम में बेहतरीन संयम दिखाते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। करीब 70 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने चीन की जोड़ी की चुनौती का डटकर सामना किया।

पहले गेम में हे जी टिंग और रेन जियांग यू ने आक्रामक शुरुआत की। चीनी जोड़ी ने अपनी तेज गति और सटीक शॉट्स के दम पर भारतीय खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बनाए रखा। सात्विक और चिराग अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए और पहला गेम 11-21 से गंवा बैठे।

दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने जोरदार वापसी की। सात्विक और चिराग ने आक्रामक खेल के साथ अपने डिफेंस को भी बेहतर किया और दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को 1-1 से बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुकाबला 17-17 की बराबरी पर पहुंचने के बाद भारतीय जोड़ी ने दबाव के क्षणों में शानदार संयम दिखाया। सात्विक और चिराग ने लगातार महत्वपूर्ण प्वाइंट हासिल करते हुए निर्णायक गेम 21-17 से अपने नाम किया और खिताब जीत लिया।

यह 2026 सत्र में सात्विक और चिराग का दूसरा खिताब है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था।

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने सोशल मीडिया एक्स पर दोनों खिलाड़ियों की जीत पर खुशी जताते हुए लिखा, सात्विक-चिराग के लिए ऐतिहासिक जीत। दोनों ने शानदार वापसी करते हुए अपना पहला चाइना मास्टर्स खिताब जीता। यह 2026 में उनका दूसरा सुपर 750 खिताब और कुल मिलाकर चौथा खिताब है। दो बार रनर-अप रहने के बाद चाइना मास्टर्स में तीसरी बार उन्हें जीत मिली।