जोधपुर, 12 सितंबर । जैसलमेर जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में 14 से 16 सितंबर तक भारतीय वायु सेना की ओर से पहली बार ड्रोनथॉन का आयोजन किया जाएगा। इसमें रक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े भारतीय उद्योग अपनी अत्याधुनिक ड्रोन और ड्रोन-रोधी तकनीकों का विकास, परीक्षण और प्रदर्शन करेंगे।
ड्रोनथॉन-2026 का उद्देश्य देश में विकसित मानवरहित हवाई प्रणालियों और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों की क्षमताओं को परखना तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देना है। आयोजन को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने और घरेलू रक्षा उद्योग को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।
आयोजन में ड्रोन, निगरानी प्रणालियों, खुफिया जानकारी जुटाने वाली तकनीकों, लक्ष्य की पहचान करने वाली प्रणालियों तथा दुश्मन के ड्रोन की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने वाली काउंटर-ड्रोन तकनीकों पर विशेष ध्यान रहेगा। आधुनिक युद्ध प्रणाली में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ड्रोन खतरों से निपटने के लिए प्रभावी प्रणालियों का विकास भी सुरक्षा व्यवस्था की प्रमुख आवश्यकता बन गया है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार ड्रोनथॉन भारतीय रक्षा उद्योग, तकनीकी कंपनियों और संबंधित संस्थानों को अपनी प्रणालियों की क्षमताएं प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराएगा। कंपनियों को सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप अपने उत्पादों का परीक्षण करने और तकनीकों में आवश्यक सुधार करने का अवसर मिलेगा। इससे रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आयोजन में देश-विदेश की 60 से अधिक रक्षा कंपनियों के भाग लेने की जानकारी है। ये कंपनियां पोकरण रेंज में अपने आधुनिक उत्पादों और उपकरणों की लाइव उड़ान तथा अन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान रक्षा क्षेत्र के अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।