गुनाः आगामी त्योहारों में शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील

गुना, 12 सितंबर । मध्य प्रदेश के गुना में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल, पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, सांसद प्रतिनिधि हरिसिंह यादव सहित शांति समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी गणेशोत्सव, झांकी एवं प्रतिमा विसर्जन सहित अन्य त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं शांति समिति के सदस्यों के सुझाव सुने गए तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गुना की परंपरा आपसी भाईचारे और सद्भाव की

कलेक्टर कन्याल ने कहा कि गुना जिले की गौरवशाली परंपरा आपसी भाईचारे, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता की रही है। सभी नागरिक इसी भावना के साथ त्योहार मनाएं और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी आयोजक प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने झांकी समितियों से कहा कि मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करते हुए पंडाल नहीं लगाए जाएं। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा, विद्युत, फायर सेफ्टी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का बेहतर पालन करने वाली प्रथम तीन झांकी समितियों को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये, द्वितीय 21 हजार रुपये एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। जनसहयोग से प्राप्त राशि के संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें चार प्रशासनिक अधिकारी तथा चार समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

हर आयोजन में सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों की भी – पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने कहा कि गणेशोत्सव को लेकर थाना स्तर तथा तहसीलदार, एसडीएम एवं एसडीओपी स्तर पर बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने झांकी समितियों के आयोजकों से कहा कि प्रत्येक समिति अपने आयोजन की व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित करे। प्रत्येक पंडाल में कम से कम एक वॉलंटियर की मौजूदगी रहे। आवश्यकता अनुसार आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर रखें, ताकि किसी भी सूचना या समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके। आयोजक अपने क्षेत्र के निकटतम रजिस्ट्रेशन अधिकारी तथा संबंधित थाना प्रभारी, सीएसपी या अन्य संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी अपने पास रखें और किसी भी आवश्यक सूचना की जानकारी उन्हें तत्काल दें। लाइटिंग, फायर सेफ्टी, बड़े आयोजनों में सीसीटीवी तथा डीजे से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

लाइट कलेक्शन को व्यवस्थित रखने के निर्देश

विद्युत विभाग से आयोजन स्थलों एवं झांकियों में विद्युत कनेक्शन अनिवार्य रूप से लिया जाये। विद्युत तारों को सुरक्षित तरीके से लगाया जाए और उन्हें खुले में या आवागमन वाले मार्गों पर न छोड़ा जाए, ताकि शॉर्ट सर्किट, करंट लगने अथवा अन्य दुर्घटनाओं की संभावना न रहे।

अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन को तत्काल दें सूचना

कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी घटना अथवा संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

पर्यावरण हितैषी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग पर जोर

बैठक में आगामी गणेशोत्सव के दौरान प्रकृति अनुकूल एवं पर्यावरण हितैषी मूर्तियों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। पूजा सामग्री, फूल एवं अन्य सामग्री में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग की अपील की गई।

जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने दिए सुझाव

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं शांति समिति के सदस्यों ने आगामी त्योहारों के आयोजन, झांकी, जुलूस एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव दिए। सदस्यों ने यातायात व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, झांकी मार्ग तथा विसर्जन स्थलों पर आवश्यक इंतजामों से संबंधित सुझाव रखे। कलेक्टर ने सभी सुझावों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।