एनएसई की ओर से अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग के लिए मंजूरी मांगने वाला कोई प्रस्ताव नहीं मिला: सेबी प्रमुख

नई दिल्ली/मुंबई, 17 सितंबर । भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने गुरुवार को कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सूचीबद्ध होने के बाद अपने ही मंच पर कारोबार की अनुमति संबंधी पूंजी बाजार नियामक के पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है।

सेबी प्रमुख ने यहां नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (नैबफिड) सलाना इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026’ से इतर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, ऐसा कोई पत्र नहीं आया है और ऐसी कोई आवश्यकता भी नहीं है।’’ तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि फिलहाल इस तरह के कारोबार की अनुमति नहीं दी जा सकती। कुछ ब्रोकर और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों द्वारा यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने को लेकर उठाई गई चिंताओं पर उन्होंने कहा कि सेबी इन मुद्दों पर गौर करेगा।

उन्होंने वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) कारोबार पर नियामक के अध्ययन के बारे में कहा कि इसके निष्कर्षों से पता चला है कि तीन से चार साल तक कारोबार करने के बाद भी कई कारोबारियों को लगातार नुकसान हो रहा है। तुहिन पांडेय ने कहा कि अध्ययन में कारोबार के व्यवहार को लेकर भी शोध निष्कर्ष सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह आकलन करने की जरूरत है कि वे एफएंडओ बाजार के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।

उल्लेखनीय है कि एनएसई का 22,569 करोड़ रुपये का आईपीओ आज अभिदान के लिए खुल गया। तीन दिन का यह इश्यू 21 सितंबर को बंद होगा। ये आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों के द्वारा 12.64 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) है। कंपनी ने इसके लिए मूल्य का दायरा 1700-1785 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ये पूरी तरह बिक्री पेशकश है, इसलिए एनएसई को आईपीओ से कोई राशि नहीं मिलेगी।