भोपाल, 03 नवंबर । मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।
सुबह 9 बजे से शाहजहांनी पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना था कि शाम तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन लेने भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे नाराज कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के कारण जहांगीराबाद सहित पुराने शहर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में राजधानी भोपाल के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में सुबह से शाहजहांनी पार्क में जुटने लगे थे। उन्होंने शाम 4 बजे तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही थी। हालांकि, ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे तो कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति बनाई।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने शाहजहांनी पार्क के रास्ते पर बेरिकेडिंग की थी। हालांकि, कर्मचारी बेरिकेडिंग हटाकर बाहर निकल आए और तलैया थाने के सामने से होते हुए जहांगीराबाद चौराहे पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने दोनों ओर बेरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद कर्मचारी सड़क पर ही बैठ गए और चक्काजाम शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आसपास के मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया। पुलिस कंट्रोल रूम के सामने और पुराने शहर के कुछ हिस्सों में भी जाम की स्थिति बनी।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने पक्ष रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का नियमितीकरण और सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण शामिल है। उनका कहना है कि नगरीय निकायों की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद कर्मचारियों को वेतन और सेवा सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। झांझोट ने कहा कि मंगलवार को शांतिपूर्वक धरना दिया गया, लेकिन मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो 4 नवंबर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
