इंदौर, 15 मई (हि.स.)। इंदौर संभाग के सभी जिलों में स्थित शासकीय आयुष अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। इन अस्पतालों में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वर्ण प्राशन की व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था रेडक्रास और जनभागीदारी से शुरू होगी। बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक पूरी तरह नि:शुल्क दी जाएगी। इसके लिए संभागायुक्त दीपक सिंह ने आयुष अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
संभागायुक्त दीपक सिंह ने बुधवार को यहां संभागायुक्त कार्यालय में आयुष विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने आयुष की विभागीय गतिविधियों की जिलेवार जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में संचालित सभी आयुष महाविद्यालयों और आयुष अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाया जाए। इन संस्थानों का अधिक से अधिक व्यक्ति लाभ ले, यह प्रयास किये जाये। उन्होंने आयुष महाविद्यालय बुरहानपुर में रिक्त पदों की पूर्ति करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संभाग के जिलों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें। उन्होंने कहा कि जिलों के भ्रमण के दौरान आयुष अस्पतालों का निरीक्षण भी उनके द्वारा किया जायेगा।
संभागायुक्त ने की कृषि विभाग के मैदानी जिलाधिकारियों से चर्चा
इसके अलावा संभागायुक्त दीपक सिंह ने बुधवार को इंदौर संभाग के सभी ज़िलों के उपसंचालक कृषि की बैठक बुलायी और उन्होंने आगामी कृषि सीज़न में फसलों के संबंध में चर्चा की। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि आलोक मीणा सहित विभिन्न ज़िलों के उप संचालक कृषि उपस्थित थे। बैठक में संभागायुक्त ने आगामी खरीफ मौसम में होने वाली बुआई से संबंध में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने संभाग में खाद, बीज, कीटनाशक दवाईयों सहित अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता तथा वितरण आदि के संबंध में भी चर्चा की। संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि खरीफ की बुआई के पूर्व किसानों को खेती-किसानी की नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे कि वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश
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मैहर कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा, कहा- प्रकरणों के निराकरण की गुणवत्ता कायम रखें
Maihar Collector reviewed CM Helpline
सतना, 15 मई (हि.स.)। मैहर कलेक्टर रानी बाटड ने बुधवार को समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कहा कि जिले में 10 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। सभी विभाग प्रमुख तेजी से संतुष्टिपूर्ण निराकरण करें, सीएम हेल्पलाइन का कोई भी प्रकरण नॉट-अटेंड नहीं रहना चाहिये। कलेक्टर ने कहा कि प्रकरणों के निराकरण में भविष्यात्मक टीप अंकित नहीं करें और प्रकरणों के निराकरण की गुणवत्ता बनाये रखें। कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह, एसडीएम विकास सिंह, आरती यादव, डॉ आरती सिंह सहित सतना और मैहर जिले के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर रानी बाटड ने सभी विभागों में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा विभागवार की। समीक्षा के दौरान पिछले हफ्ते की तुलना में 99 शिकायतें कम होना पाई गई। जिनमें 10 हजार 344 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। इन शिकायतों में एल-वन स्तर पर 2501, एल-टू पर 852, एल-थ्री पर 6486 और एल-फोर पर 505 शिकायतें लंबित पाई गई। कलेक्टर ने कहा कि मैहर जैसे जिले में 10 हजार से अधिक शिकायतें लंबित रहना चिंताजनक है। सभी विभाग तेजी से निराकरण कर उन्हें सामान्य स्तर पर लाएं।
उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें विभागों के आपसी समन्वय और संवाद नहीं होने से लंबित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री लाडली बहना ग्रामीण क्षेत्र की 1357 शिकायतें महिला बाल विकास और सीईओ जनपद की संवादहीनता के फलस्वरुप लंबित रहने पर प्रभारी डीपीओ राजेंद्र बांगरे और जनपद सीईओ अमरपाटन के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की। सीएम हेल्पलाइन की सबसे ज्यादा लंबित शिकायतों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की 1426, राजस्व 1358, महिला बाल विकास 976, नगरीय विकास 483, स्वास्थ्य विभाग 162, खाद्य विभाग 449, ऊर्जा विभाग 382, पंचायती राज 344 एवं प्रसूति सहायता की 744 शिकायतें लंबित रहने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और प्रत्येक सप्ताह कम से कम 100 शिकायतें कम कर निराकरण की दैनिक रिपोर्ट प्रतिदिन ग्रुप में पोस्ट करने के निर्देश दिये। समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में जल संसाधन, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जनकल्याण, श्रम विभाग से किसी अधिकारी के उपस्थित नहीं रहने पर संबंधित विभाग के जिला प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के निरीक्षक को वेतन रोकने की नोटिस जारी करने के बावजूद टीएल बैठक में उपस्थित नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी प्रकट करते हुए पुनः नोटिस देने के निर्देश दिये।
जनपद सीईओ अमरपाटन ने बताया कि सीएम लाडली बहना की लंबित 1357 शिकायतों में 576 शिकायतें अकेले जनपद अमरपाटन की भुगतान से संबंधित हैं। जिनका निराकरण जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास (एल-टू अधिकारी) द्वारा किया जाना है। कलेक्टर ने प्रभारी डीपीओ के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डीपीओ और तीनों जनपद के सीईओ साथ बैठकर कल तक शिकायतों का निराकरण करायें, अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारियों के परस्पर संवाद और सामंजस्य से नहीं होने से अधिकतर शिकायतें लंबित हैं। सीएम एलबीवाय की एल-फोर स्तर पर लंबित शिकायतों को एल-वन पर लाकर स्थानांतरित करने या निराकरण करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये।
कलेक्टर ने जिले की स्कूलों की मरम्मत एवं उन्नयन कार्य की कार्य योजना का भी अवलोकन किया। डीपीसी ने बताया कि मैहर जिले में कुल शाला भवनों के 1805 कार्यों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लोकसेवा गारंटी के 29 प्रकरण समय बाह्य होने पर कलेक्टर ने कहा कि प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में करें, अन्यथा जुर्माना अधिरोपित किया जायेगा। बैठक में एसडीम रामनगर डॉ आरती सिंह ने कहा की मनकीसर सोसायटी के निरीक्षण के दौरान लगभग 4 हजार क्विंटल गेहूं परिवहन के लिए खुले में पड़ा पाया गया है। कलेक्टर ने जिला प्रबंधक नान को सभी खरीदी केंद्रों से गेहूं का परिवहन, भंडारण कराने के निर्देश दिए।
सभी पात्र श्रमिकों का करें संबल में रजिस्ट्रेशन
कलेक्टर रानी बाटड ने कहा कि नगरीय निकाय और जनपद के सीईओ सुनिश्चित करें कि श्रमिक कल्याण की योजनाओं में सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि आमतौर पर दुर्घटनाओं के प्रकरणों में हताहत व्यक्तियों को आर्थिक सहायता की जरूरत होती है और दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति श्रम कल्याण योजनाओं में बहुधा पात्र भी होते हैं। लेकिन पंजीयन नहीं होने से लाभ से वंचित रह जाते हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत के सचिव सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र के सभी योजनाओं के पात्र श्रमिक वर्ग के लोग संबल योजना में पंजीकृत होने चाहिये, अन्यथा उनके खिलाफ जिम्मेदारी निर्धारित की जायेगी। कलेक्टर मैहर ने सभी जनपद पंचायत के सीईओ और नगर पंचायतों के सीएमओ से 15 दिवस में इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा है कि, उनके क्षेत्र में श्रमिक कल्याण की योजनाओं में कोई भी पात्र व्यक्ति या श्रमिक पंजीयन से शेष नहीं है।
गलत जानकारी देने पर जल निगम के प्रबंधक के प्रति अप्रसन्नता
कलेक्टर ने जल निगम के प्रबंधक नीरव अग्रवाल को टीएल बैठक में गलत जानकारी प्रस्तुत करने पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। विगत टीएल बैठक में प्रबंधक ने बताया था कि रामनगर क्षेत्र में बड़ा इटमा, नादो गांव में योजना की पेयजल सप्लाई के पाइप में किसानों द्वारा पानी मोटर लगाकर खींच लेने से आगे के गांव में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीम रामनगर डॉ आरती सिंह ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, वहां ऐसी कोई बात नहीं पाई गई। जलापूर्ति लाइन में पेयजल सप्लाई ही नहीं पाई गई। कलेक्टर ने जल निगम के प्रबंधक द्वारा समीक्षा बैठक में गलत जानकारी प्रस्तुत करने पर अप्रसन्नता व्यक्त की।