जिन्होंने हमेशा शोषण किया, अराजकता फैलाई, उनका एकमात्र एजेंडा लोगों को बांटना : मुख्यमंत्री

जिन्होंने हमेशा शोषण किया, अराजकता फैलाई, उनका एकमात्र एजेंडा लोगों को बांटना : मुख्यमंत्री

-57 जनपदों, 350 तहसीलों, 825 विकासखंडों में बनाएंगे अटल आवासीय

जैसे विद्यालय : सीएम योगी

-मुख्यमंत्री योगी ने सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक

सत्र 2024-25 का किया

शुभारंभ

लखनऊ, 12 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी

आदित्यनाथ ने गुरुवार को मोहनलालगंज स्थित अटल आवासीय विद्यालय में आयोजित

कार्यक्रम में एक साथ प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों में शैक्षिक

सत्र 2024-25 का

शुभारंभ किया।

इस अवसर

पर सीएम योगी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अभी तो हमने 18 विद्यालय प्रारंभ किए हैं, जबकि दूसरे चरण में 57 जनपदों में कंपोजिट विद्यालय के रूप

में भी ऐसे ही विद्यालय खोलने जा रहे हैं। तीसरे चरण में इसे प्रदेश की सभी 350 तहसीलों में लेकर जाएंगे तो चौथे चरण

में 825 विकास खंड

में इस तरह के विद्यालयों की स्थापना होगी। यही नहीं, उन्होंने कहा कि पांचवें चरण में इसे

हम न्याय पंचायत स्तर पर लेकर जाएंगे। इसका मतलब 2000 ऐसे विद्यालय प्रदेश के अंदर दिखाई

देंगे जो बच्चों को उत्तम शिक्षा देने का माध्यम बनेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा

कि अगले चरण में जो 57 विद्यालय

बनेंगे। उनमें पहली क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक के बच्चे अध्ययन करेंगे।

इनमें बाल वाटिका भी बनाई जाएगी।

बिना

भेदभाव समाज के हर तबके को मिल रही उत्तम शिक्षा

योगी ने

कहा कि व्यक्ति हो या समाज, उसे

सुशिक्षित किए बगैर आप सभ्य और समर्थ समाज और राष्ट्र की कल्पना नहीं कर सकते।

सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता का मानक बने। बिना

भेदभाव के समाज के हर तबके के बच्चे को उसकी जाति, चेहरा, क्षेत्र और भाषा पूछे बगैर देश, समाज, सरकार के संसाधनों पर अधिकार मिलना

चाहिए। इसी अधिकार का अहसास दिलाने के लिए अटल आवासीय विद्यालय को शिक्षा के एक

मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सीएम ने कहा कि अभी औपचारिक रूप से एक

क्लास रूम में बच्चों के साथ इंटरैक्शन का अवसर मिला। प्रतिभा जाति, मत और मजहब की बंधक नहीं होती। प्रतिभा

कहीं भी पैदा हो सकती है, उसको

सिर्फ एक मंच देना है। उसके लिए उचित अवसर उपलब्ध करवाना है और यही सरकार का

दायित्व होना चाहिए।

जिन्होंने

हमेशा शोषण किया वो गरीबों की पीड़ा नहीं समझ पाएंगे

मुख्यमंत्री

ने बंटवारे की राजनीति करने वालों पर हमला करते हुए कहा कि ये जाति के नाम पर

लड़ाने वाले समाज में सामाजिक न्याय के नाम पर सामाजिक वैमनश्यता पैदा कर देश के

दुश्मनों को प्रोत्साहित करने वाले लोग गरीबी के दंश को क्या झेल पाएंगे, क्या समझ पाएंगे। जिन लोगों ने हमेशा

शोषण किया, अराजकता

फैलाई, कभी गरीबी

नहीं देखी, उनसे

उम्मीद करना कि वो बीओसी बोर्ड से जुड़े हुए रजिस्टर्ड श्रमिक या इन निराश्रित

बच्चों जिन्होंने कोविड कालखंड में अपने माता-पिता या अभिभावक को खोया है, उनकी पीड़ा को समझ पाएंगे। उन लोगों के

पास उसे समझने के लिए न समय है, न फुर्सत है, क्योंकि

उनके अपने ऐजेंडे हैं। उनका एकमात्र एजेंडा और ध्येय राजनीतिक स्वार्थ के लिए

लोगों को बांटना है। इसके अलावा उनको कुछ भी नहीं दिखाई देता। ये चाहते हैं कि एक

गरीब कभी गरीबी, अभाव और

अशिक्षा से मुक्त न होने पाए। अगर हो जाएगा तो इनके बंटवारे और सामाजिक वैमनश्यता

की राजनीति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इसलिए येन केन प्रकारेण ये लोग समाज को

विभाजन की कगार पर पहुंचाना चाहते हैं। यही कारण है कि सरकारें पहले भी थीं, पैसा पहले भी था, लेकिन गरीबों के बच्चों के लिए शिक्षा

का प्रबंध नहीं किया गया। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जो लोग

अराजकता पैदा करना चाहते हैं, अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं, माफियागीरी करना चाहते हैं उनकी चूलों

को हिलाने के लिए अटल आवासीय विद्यालय एक मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है।

इस अवसर

पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी), लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, लाल जी प्रसाद निर्मल, विधायक जया देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन अनिल

कुमार उपस्थित रहे।

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