कार्यस्थल पर तनावमुक्त माहौल न केवल कर्मचारियों की मानसिक सेहत को बनाए रखता है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। हालांकि, आजकल काम का अधिक भार और कठोर समयसीमा कार्यस्थल पर तनाव के गंभीर कारण बन रहे हैं। पी.जी.आई. के साइकैट्री विभाग के विशेषज्ञ डॉ. राहुल चक्रवर्ती के अनुसार, हाल ही में डेलॉयट द्वारा किए गए एक सर्वे में ये बात सामने आई है कि लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारी तनाव के कारण नींद की कमी, उदासी और चिड़चिड़ेपन जैसी मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसका असर उनकी कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा है, जिससे कार्यस्थल का माहौल प्रभावित हो रहा है।
डॉ. चक्रवर्ती ने एक मरीज का उदाहरण देकर इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित किया। 30 वर्षीय अमन पिछले कुछ महीनों से नींद की समस्या और थकान से ग्रस्त था। उसने सोचा कि यह एक शारीरिक समस्या है, लेकिन वास्तव में यह मानसिक तनाव का परिणाम था, जो उसकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा था। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब व्यक्ति अपने कार्य के प्रति नकारात्मक भावनाएं विकसित करता है और उसकी कार्यक्षमता में कमी आती है, तो इसका असर न केवल उस व्यक्ति पर, बल्कि समस्त संगठन पर पड़ता है।
तनाव को कम करने के लिए डॉक्टरों की सलाह है कि कर्मचारियों को अपने परिवार और दोस्तों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें अपने उच्च अधिकारियों से खुलकर बात करनी चाहिए और संभवत: काउंसलिंग सेवाओं का लाभ भी लेना चाहिए। कार्यस्थल पर खेल, मनोरंजन और जिम जैसी सुविधाएं भी तनाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं। उदाहरणस्वरूप, पीजीआई में रेजीडेंट डॉक्टरों के लिए कई प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिसमें उन्हें मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय सुझाए जाते हैं।
प्रोफेसर राकेश कोचर, जो पीजीआई के पूर्व विभागाध्यक्ष हैं, का कहना है कि तनाव के कारण अनेक शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। तनाव से एसिड का स्तर बढ़ता है, जिससे रिफ्लक्स एसोफैगिटिस, अपच, और गैस्ट्राइटिस जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। यह ना केवल दिल पर असर डाल सकता है, बल्कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में भी हलचल पैदा कर कब्ज, दस्त, या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसके अलावा, तनाव के चलते कुछ लोगों में अधिक खाने या कम खाने की आदतें विकसित हो जाती हैं, जो मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
इस प्रकार, तनाव से निपटने के लिए जरूरी है कि हम अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं, नियमित व्यायाम करें और अपने शौक को आगे बढ़ाएं। कार्य जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे हमारी पूरी पहचान नहीं बनना चाहिए। इस दृष्टिकोण से हम मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।