कठोर साधना के बाद ही विजय प्राप्त होती है: विक्रम सिंह

कठोर साधना के बाद ही विजय प्राप्त होती है: विक्रम सिंह

करैरा, 12 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी के अवसर पर करैरा में पथ संचलन का आयोजन हुआ. संचलन में करीब 2 सैकड़ा से अधिक स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे. वहीं, राष्ट्र भक्ति गीतों की स्वर लहरियों ने शहरवासियों को अपनी ओर आकर्षित किया. इस दौरान विभिन्न गलियों में आमजन और सामाजिक संगठनों की ओर से स्वयंसेवकों के पथ संचलन पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 6 उत्सवों में से एक विजयादशमी को संघ अपने स्थापना दिवस के रूप में भी मनाता है. शनिवार को करैरा में पहले शस्त्र पूजन हुआ, इसके बाद पथ संचलन किया गया. इस दौरान स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिलाते हुए देश में एकता और अखंडता का संदेश देते दिखे.

भोपाल से पधारे प्रान्त सेवा प्रमुख विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कठोर साधना के उपरांत ही विजय प्राप्त होती है, उन्होंने कहा कि भारत पुरातन काल से ही हिन्दू राष्ट्र है इसे अलग से हिन्दू राष्ट्र बनाने की आवश्यकता नहीं है हमें चाहिए कि हम अपने सोए हुए समाज को जगाए भगवान श्री राम कृष्ण ने भी सज्जन शक्ति को जगाने का कार्य किया और आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त की।

पौरुष शक्ति जिस समाज के अंदर जागृत होता है वह समाज कभी परास्त नहीं हो सकता ,संघ कार्यकर्ताओं ने विषम परिस्थितियों में कार्य कर संगठन खड़ा किया। जब जब देश खण्डित हुआ है तब तब नुकसान हिन्दू समाज का ही हुआ है।

2025 में संघ को कार्य करते हुए एक सौ वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं इसलिए हमें चाहिए कि संघ कार्य प्रत्येक गांव गांव तक पहुंचे।

उन्होनें आतंकवाद, उग्रवाद समेत अन्य देश विरोधी ताकतों से निपटने के लिए समाज को हमेशा तत्पर रहने का संदेश दिया. साथ ही शस्त्र पूजन का महत्व भी बताया. इस अवसर पर खण्ड, मण्डल, नगर, जिला एवं विभाग के दायित्ववान कार्यकर्त्ता पथ संचलन में सामिल हुए एवम् नगर के पथ संचलन के गंतव्य मार्ग पर पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी चाक चौबंद रही।

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