चंडीगढ़ के इंदिरा कॉलोनी में हाल ही में हुई एक घटना में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने एक घर के बाहर गोलीबारी और तोड़फोड़ की। आरोपियों की पहचान मोनू उर्फ कडुं और राहुल उर्फ रैली के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश करने की योजना बनाई गई है। इस बीच, एक अन्य आरोपी, मोनू उर्फ मरोड़ी, जो फरार है, पिछले 8 दिनों में जेल से रिहा हुआ था और उसके खिलाफ चंडीगढ़ में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी खोज में लगी हुई है।
20 नवंबर को हुई इस घटना के संदर्भ में किशन के पिता लाल सिंह ने बताया कि घटना की रात लगभग 10:45 बजे उनका बेटा चीनी खरीदने बाहर गया था। जब किशन घर के करीब पहुंचा, तब राहुल उर्फ रैली, कडुं और अन्य दो व्यक्तियों ने उससे मुठभेड़ की। आरोपियों ने किशन पर ईंट, पत्थर और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया। इसके बाद, घायल किशन का पिता आरोपियों के घर पहुंचा, लेकिन वहाँ उन्हें आरोपी नहीं मिले। इस बीच, आरोपियों को यह जानकारी मिल गई कि किशन का परिवार उनके घर पर पहुँच गया है, जिसके बाद उन्होंने लाल सिंह के घर पर भी हमला किया।
लाल सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उनके घर के बाहर ईंट और पत्थर फेंके, साथ ही उनके घर में लगे गमले भी तोड़ डाले। इस दौरान आरोपियों ने हवा में भी गोलियां चलाईं। घटनास्थल पर पुलिस ने दो खोखे बरामद किए हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि वहां गोलीबारी हुई थी। पुलिस देर रात तक इस मामले की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी में जुटी रही।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर में अपराधियों की धरपकड़ को लेकर पुलिस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह भी बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पुलिस की अनुसंधान गतिविधियां जारी हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी एक प्राथमिकता बन गई है।
इस घटना ने न केवल इंदिरा कॉलोनी में बल्कि पूरे चंडीगढ़ में सुरक्षा की चिंता को भी बढ़ा दिया है। स्थानीय लोग इस मुद्दे पर चिंतित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति स्थापित करेगी।