पंजाब के जगराओं में जीएचजी खालसा कॉलेज के निकट एक युवक पर जानलेवा हमला होने की घटना ने आसपास के इलाके में भय का माहौल बना दिया है। घटना तब घटी जब कुछ युवकों ने एक बाइक सवार युवक को घेर लिया और उस पर सरेआम हमला करना शुरू कर दिया। हमलावर अत्यधिक हथियारों से लैस थे, जिससे राहगीर भी भयभीत होकर वहां रुक गए, लेकिन किसी ने भी पीड़ित युवक की मदद करने की हिम्मत नहीं दिखाई। हमलावरों ने केवल युवक को पीटा ही नहीं बल्कि उसकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित युवक अमनप्रीत सिंह, जो कि गांव सहोली का निवासी है, ने इस घटना के संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह घरेलू काम से सुधार बाजार गया था और लौटते समय हमलावरों ने उसे जीएचजी खालसा कॉलेज के नजदीक घेर लिया। आरोपी अर्शदीप सिंह ने युवक से कहा कि उसने उसकी दोस्ती तोड़ दी है और इसी वजह से हमला किया गया। अमनप्रीत ने बयान में कहा कि हमलावरों ने उसे कहा, “जब दोस्ती नहीं रही तो उसका परिणाम भी देख लो।”
हमलावरों ने अमनप्रीत पर ऐसी बुरी तरह से हमला किया कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों ने उसे बेसुध अवस्था में देखकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने जांच के दौरान चार आरोपियों की पहचान की है, जिनमें अर्शदीप सिंह उर्फ अर्शी, मिंटू शर्मा, गगन और लवी शामिल हैं, जो गांव दाद के निवासी हैं।
इस मामले में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ावा देते हुए स्थानीय निवासियों ने इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई है। कई लोगों ने कहा है कि इस तरह की हमले बढ़ रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जांच जारी है। पूरे मामले ने जगराओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठाए हैं और लोगों को आशंका है कि अगर यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं घटित हो सकती हैं।
जगराओं की इस घटना ने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं में आपसी संबंधों को लेकर असहमति भी हिंसा की वजह बन सकती है। वहीं, लोगों का मौन रहना इस बात को दर्शाता है कि समाज में भय का माहौल किस कदर हावी हो चुका है। पुलिस ने इस गंभीर हमले को लेकर अपेक्षा जताई है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, ताकि ऐसे मामलों में अंकुश लगाया जा सके।