मानसा के सरकारी अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने बिना कोई जांच किए एड्स पीड़ित महिला की डिलीवरी करवाई। घटना 10 नवंबर को हुई, जब मानसा जिले की हलका सरदूलगढ़ से संबंधित एक गर्भवती महिला अपनी डिलीवरी कराने के लिए जच्चा बच्चा अस्पताल में भर्ती हुई। डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ ने तत्परता से ऑपरेशन किया, जिससे एक स्वस्थ लड़की का जन्म हुआ। लेकिन, यह तथ्य भयावह था कि इस महिला की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं की गई थी।
दू दिन बाद, जब एक एड्स काउंसलर अस्पताल में आया, तो उसने बताया कि उक्त महिला एड्स से पीड़ित है। यह जानकारी मिलने के बाद, अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर और स्टाफ में खलबली मच गई, और उन्होंने तुरंत महिला को एक प्राइवेट कमरे में शिफ्ट कर दिया। इस लापरवाही को लेकर कुलदीप सिंह मूसा ने उच्च अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बिना किसी रिपोर्ट के इस महिला की डिलीवरी करवाई गई, जो कि बेहद चिंताजनक है। एक महीने पहले, महिला की स्वास्थ्य रिपोर्ट नेगेटिव थी, लेकिन इस लापरवाही के लिए कोई भी ठोस कदम उठाने की आवश्यकता नहीं समझी गई।
जच्चा बच्चा अस्पताल की डॉक्टर कृति ने इस मामले की सफाई देते हुए कहा कि मरीज के पास एक महीने पुरानी नेगेटिव रिपोर्ट थी। इस कारण से, उन्होंने दोबारा रिपोर्ट करवाना आवश्यक नहीं समझा। उन्होंने यह भी बताया कि महिला इमरजेंसी में आई थी, और इसलिए रात के समय ही उसकी डिलीवरी कर दी गई। यह स्पष्ट है कि डॉक्टरों ने महिला की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अनदेखी की, जिसका परिणाम आगे जाकर और भी गंभीर हो सकता था।
इस मामले में जब एसएमओ अंजू कांसल से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं आया था। उन्होंने मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी प्राप्त की है और साथ ही यह आश्वासन दिया कि वह इस मामले की जांच कर रही हैं। अस्पताल में इस लापरवाही के कारण भविष्य में किसी और मरीज को परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। चिकित्सा की दुनिया में जहां डॉक्टरों और स्टाफ की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है, वहां इस तरह की लापरवाही समाज के सभी वर्गों के लिए एक चेतावनी है। उम्मीद की जाती है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर उचित कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।