अबोहर में बीए स्टूडेंट की फांसी से मौत, परीक्षा तैयारी से तनावग्रस्त!

एक दुखद घटना ने अबोहर क्षेत्र के ईदगाह बस्ती को शर्मसार कर दिया है। यहां के रहने वाले एक 21 वर्षीय छात्र ने पेपर की तनाव के चलते गुरुवार रात आत्महत्या कर ली। मृतक, चिराग पुत्र नंद लाल, बीए फाइनल ईयर का छात्र था और आज उसका परीक्षा का दिन था। घटना से पहले, चिराग मानसिक दबाव में था और पिछले 10-15 दिनों से पेपर की चिंता को लेकर परेशान था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चिराग मलोट के एक निजी कॉलेज में अपनी पढ़ाई कर रहा था। उसने गुरुवार शाम अपने परिजनों से कहा कि वह पढ़ाई करने जा रहा है। लेकिन जब परिवार वाले उसे चाय देने पहुंचे, तो उन्होंने उसे अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया। तुरंत परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल ले जाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार में हाहाकार मच गया, खासकर इस बात को लेकर कि चिराग अपने दो बहनों का इकलौता भाई था।

पुलिस ने घटना की जानकारी लेते हुए मृतक के शव को अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया है। सिटी वन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के चाचा जगदीश के बयानों के आधार पर 194 बीएनएस के तहत आवश्यक कार्रवाई की है। यह घटना केवल एक छात्र के जीवन का अंत नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और परीक्षा की चिंता की समस्या को भी उजागर करती है।

इस घटना ने इस बात को एक बार फिर रेखांकित किया है कि आज की युवा पीढ़ी किस प्रकार के मानसिक दबाव से गुजर रही है। ऐसे में आवश्यक है कि परिवारों और शिक्षण संस्थानों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। सही मार्गदर्शन और समर्थन छात्रों को तनाव से निपटने में मदद कर सकता है। इस घटना से प्रभावित परिवार के प्रति सभी की सहानुभूति है और यह समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि हमें मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता क्यों देनी चाहिए।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि वे पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही, परिवार वालों का भी कहना है कि उन्हें अपने बेटे की चिंता को सही तरीके से समझना चाहिए था, जिससे इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बचा जा सकता था। ऐसे मामलों में जागरूकता बढ़ाने की जरुरत है ताकि कोई भी छात्र इस मानसिक दबाव को सहन न कर सके।