पंजाब में आज, 23 नवंबर को चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणामों की घोषणा की जाएगी। इस बीच, राज्य सरकार दिसंबर के अंतिम महीने में पांच नगर निगमों और 44 नगर परिषदों के चुनाव आयोजित करने की तैयारी में जुट गई है। यह महत्वपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई है, जिसके तहत चुनाव की नोटिफिकेशन जारी की गई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया जाएगा। पहले, सरकार वार्डबंदी पूरी करने के बाद चुनावों का आयोजन मार्च में करने की योजना बना रही थी, लेकिन अब समयसीमा में तेजी लाते हुए तात्कालिक चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन नगर निगमों के चुनाव होंगे उनमें अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, और फगवाड़ा शामिल हैं। इसके अलावा, 44 नगर काउंसिलों और पंचायतों में भी चुनाव होंगे। इस प्रक्रिया में विभिन्न नगर काउंसिलों के 43 वार्डों में उपचुनाव भी कराए जाएंगे। राज्य सरकार के अनुसार, ये चुनाव फतेहगढ़ साहिब में होने वाले शहीदी जोड़ मेले से पहले संपन्न कराए जाने की योजना है, ताकि चुनावी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
पंजाब में नगर निगम और नगर परिषद के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान अब निकला है। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह 10 सप्ताह के भीतर चुनाव संपन्न कराए। अदालत ने चुनाव की नोटिफिकेशन जारी करने के लिए मात्र 15 दिनों की समय सीमा भी निर्धारित की थी, जिसके अनुसार चुनाव की प्रक्रिया अगले आठ हफ्तों में संपन्न होनी चाहिए।
राज्य सरकार ने 6 नवंबर को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सरकार को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए कहा था कि यदि चुनाव की नोटिफिकेशन 10 दिनों में जारी नहीं की जाती है, तो उन पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जा सकता है। अंततः, 21 नवंबर को सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित किया था कि 25 नवंबर तक चुनाव की नोटिफिकेशन तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले को निपटाने का आदेश दिया।
इसके अलावा, आम आदमी पार्टी ने पंजाब में शहरी क्षेत्र के मतदाताओं को साधने के लिए अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है। पार्टी ने अपने स्टेट प्रधान के पद पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को नियुक्त किया है, जिन्हें हिंदू चेहरा माना जा रहा है। इसके साथ ही, बटाला के विधायक शेरी कलसी को वर्किंग प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह, सभी राजनीतिक दल और सरकार चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि आने वाले चुनावों का सफल आयोजन हो सके।