पंजाब सरकार के निर्देशानुसार, अमृतसर विकास प्राधिकरण (ADA) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई की है। यह कदम एडीए के मुख्य प्रशासक अंकुरजीत सिंह (IAS) और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक मेजर अमित सरीन (PCS) के साथ जिला नगर योजनाकार गुरसेवक सिंह औलख के नेतृत्व में उठाया गया है। हाल ही में, अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव पाखरपुरा और गांव कथुनंगल में अवैध कॉलोनियों के निर्माण को समाप्त करने के लिए कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगबीर सिंह और स्थानीय पुलिस भी मौजूद थे।
जिला नगर योजनाकार ने बताया कि सरकार के आदेशों का पालन करते हुए, पापरा एक्ट-1995 के तहत पहले ही इन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। लेकिन कॉलोनी मालिकों ने इन नोटिसों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा। इस स्थिति को देखते हुए, एडीए ने शुक्रवार को अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी 16 जनवरी 2025 को ऐसे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, परंतु कॉलोनी मालिकों ने फिर से निर्माण का कार्य शुरू कर दिया।
अवधारणा के अनुसार, ऐसे अवैध कॉलोनियों के निर्माण में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ पापरा एक्ट-1995 के तहत 2024 में किए गए संशोधन के चलते 5 से 10 साल की कैद और 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने अब तक 15 अवैध कॉलोनियों के मालिकों तथा निर्माणकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया है। इसके अतिरिक्त, अमृतसर जिले में अवैध कॉलोनियों और निर्माण कार्यों पर निगरानी रखने के लिए PUDA की रेगुलेटरी विंग लगातार निरीक्षण कर रही है और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
जिला नगर योजनाकार ने आम जनता से एक स्पष्ट अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से पहले PUDA से कॉलोनी की स्वीकृति की जांच अवश्य करें। ऐसा करने से वे अपने धन के नुकसान से बच सकते हैं और भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले PUDA से जरूरी मंजूरी लेना आवश्यक है, जिससे कानून के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
इस प्रकार, अमृतसर विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। इससे न केवल नियमों का पालन होगा, बल्कि लोगों को भी इस तरह के धोखाधड़ी के खिलाफ सतर्क रहने की प्रेरणा मिलेगी। आगे की कार्यवाही में, संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस दिशा में संजीदगी से कदम बढ़ाएं और किसी भी उल्लंघन को तुरंत रोकें।