पंजाब में ओल्ड ऐज होम की बहार: 4.21 करोड़ की सरकारी सहायता!

पंजाब राज्य सरकार ने सभी जिलों में वृद्ध आश्रमों की स्थापना की है, जिससे बुजुर्गों की देखभाल को एक नया आयाम दिया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 वृद्ध आश्रमों को कुल 4.21 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की गई है। इस योजना का संचालन विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अभी भी इमारतों का निर्माण कार्य जारी है। बुजुर्ग समाज की देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए मंत्री ने कहा कि उन्हें सम्मान प्रदान करने और उनके जीवन को सुखद बनाने का प्रयास सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों के लिए जो धनराशि आवंटित की है, उसमें अमृतसर को 37.68 लाख रुपये, बठिंडा को 28.54 लाख रुपये, फाजिल्का को 28.54 लाख रुपये, लुधियाना को 70.41 लाख रुपये, मालेरकोटला को 22.47 लाख रुपये, मोगा को 28.54 लाख रुपये, पठानकोट को 28.79 लाख रुपये, पटियाला को 17.77 लाख रुपये, रोपड़ को 30.80 लाख रुपये, संगरूर को 58.49 लाख रुपये, तरनतारन को 21.55 लाख रुपये, फरीदकोट को 22.02 लाख रुपये, और फिरोजपुर को 26.37 लाख रुपये की ग्रांट शामिल है। इस प्रकार, ये सभी जिले बुजुर्गों के कल्याण के लिए विशेष ध्यान में लिए गए हैं।

इसके अलावा, मंत्री ने जानकारी दी कि मानसा और बरनाला में 75 बुजुर्गों की क्षमता वाले नए वृद्ध आश्रमों का निर्माण किया जा रहा है। इन आश्रमों का निर्माण 17.34 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, और उन्हें जल्द ही पूरा करने की योजना है। नए आश्रमों में बुजुर्गों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा, ताकि वे यहां रहकर सुखद अनुभव प्राप्त कर सकें।

डॉ. बलजीत कौर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बुजुर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इससे पहले बुजुर्गों की देखभाल और उनका सुरक्षा का मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा था, जिसके बाद अदालती आदेशों के अनुसार ओल्ड ऐज होम स्थापित करने के लिए कदम उठाए गए।

यह न केवल बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका और योगदान को भी मान्यता देगा। इस पहल के जरिए पंजाब सरकार ने यह साबित किया है कि वे बुजुर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देती है और उनकी भलाई के लिए ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सभी बुजुर्गों के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि उनकी देखभाल और सम्मान का ध्यान रखा जाएगा।