पंजाब के पटियाला में एक स्कूल के निकट से आठ रॉकेट के शेल बरामद किए गए हैं। इस घटना का पता सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस को चला। उन्होंने सटीक जानकारी के साथ बम स्क्वॉड को मौके पर बुलाया और इन रॉकेटों को अपने कब्जे में लिया। पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने पत्रकारों को बताया कि इनमें कोई विस्फोटक सामग्री नहीं है, लेकिन यह पता लगाया जा रहा है कि ये रॉकेट किस जगह से आए और इन्हें यहां किसने छोड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और सेना को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
एसएसपी ने यह भी बताया कि सेना की एक टीम मौके पर पहुंचकर रॉकेट के शेल की उम्र की जांच करेगी। पहले से ही लग रहा था कि संभवतः किसी कबाड़ी या व्यक्ति ने इन रॉकेटों को फेंक दिया था। जानकारी के अनुसार, एक राहगीर ने दोपहर 12 बजे के लगभग ट्रैफिक पुलिस को सूचित किया, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई। लाहौरी गेट की टीम ने मौके पर पहुंचकर रॉकेटों को अपने कब्जे में लिया और उसके बाद बम स्क्वॉड ने जांच शुरू की जिससे स्पष्ट हुआ कि इन रॉकेटों में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी।
इस प्रकार की घटनाएं समाज में चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में चंडीगढ़ के कैंबवाला में भी शनिवार को एक सक्रिय बम शेल बरामद हुआ था। उस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को खाली करवा दिया और सेना को सूचित किया, जिसके बाद सेना ने बम को अपने कब्जे में लिया। इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए अतिरिक्त चुनौतियां पेश करती हैं और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना पड़ता है।
अतीत में भी पटियाला सामाना क्षेत्र में इसी तरह के बम शेलों की बरामदगी का मामला सामने आया था। साल 2022 में यहां बम शेल मिलने की घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा किया था। इससे स्पष्ट होता है कि पटियाला सहित पूरे पंजाब में इस प्रकार की सामग्री की मौजूदगी सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर मुद्दा है।
इस घटनाक्रम को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन मिलकर ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करें और इस तरह की सामग्रियों के सुरक्षित निपटारे को सुनिश्चित करें ताकि जनता में विश्वास कायम रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।