वंचित तबका लड़कर करे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा : दीपंकर

वंचित तबका लड़कर करे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा : दीपंकर

रांची, 9 जून (हि.स.)। आदिवासी अधिकारों का निरंतर उल्लंघन हो रहा है। बस्तर में अडाणी के हवाले जल, जंगल, जमीन और खनिज सौंपे जा रहे हैं। जो लोग इनके खिलाफ आवाज़ उठाते हैं, उन पर दमनात्मक कार्रवाई होती है। सरकार के इस जनविरोधी रवैये के खिलाफ पूरे देश में आदिवासी समुदाय संघर्षरत है। झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक आदिवासी संघर्ष मोर्चे सक्रिय हैं।

यह बातें भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भटटाचार्य ने कही।

दीपंकर सोमवार को आदिवासी संगठनों की ओर से एचडीसी सभागार में आयोजित राष्‍ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि‍ मौजूदा समय में संविधान पर खतरा बढ़ गया है। इसलिए अब समय है कि सभी वंचित तबकों की एकजुट लड़ाई से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जाए।

उन्‍होंने कहा कि राज्य में पेसा कानून की अनदेखी हो रही है। वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कॉरपाेरेट की नजर है, जातीय जनगणना को टालने की साजिश रची जा रही है और झारखंड में धर्मांतरण को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। यह समय भ्रम से लड़ने का है, धार्मिक उन्माद फैलाकर आदिवासियों की असल लड़ाई को भटकाया जा रहा है। संविधान कोई किताब से नहीं आया, यह देश के सामाजिक आंदोलनों की देन है। बिरसा मुंडा, किसान आंदोलन, दलित आंदोलन सबने मिलकर इसका आधार तैयार किया है।

वक्ताओं ने कहा कि आदिवासियों ने कभी किसी आक्रांता या शोषण के साथ समझौता नहीं किया चाहे मुग़ल हों या अंग्रेज़। आज जब कॉर्पोरेट लूट और सरकारी दमन का दौर है, तो आदिवासी जनता फिर से विद्रोह की राह पर हैं।

कार्यक्रम के समापन पर 15 सूत्री संकल्प पत्र भी जारी किया गया। इसमें जल, जंगल और जमीन की लूट के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, आदिवासी अधिकारों की रक्षा, काॅरपोरेट लूट के खिलाफ संघर्ष को तेज करना, संविधान की रक्षा, पेसा और सीएनटी-एसपीटी कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं।

इसके पूर्व दीपंकर भटटाचार्य ने बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर जाकर उन्हाेंने श्रद्धांजलि दी। देशभर से आए 17 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी बिरसा मुंडा की शहादत को नमन किया।

सम्मेलन को दयामनी बारला,आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता, जेम्स हेरेंज, सामाजिक कार्यकर्ता, सिराज दत्त, वरिष्ठ कार्यकर्ता, प्रतिमा इंगपी, आदिवासी नेत्री, असम,क्लिफ्टन,त्रिपति गमांगो,विनोद सिंह सहित अन्य ने संबोधित किया।

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