परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया कि बिना किसी परमिट और नंबर प्लेट के धड़ल्ले से संचालित हो रही बाल वाहनियों में नियम विरूद्ध क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों का परिवहन किया जा रहा था। एक स्कूल बस का तो परमिट की खत्म हो चुका था, इसके बावजूद उसमें बेरोकटोक बच्चों का परिवहन कर नियमों की धज्जियां उडाई जा रही थी। पुलिस और परिवहन विभाग की अलग—अलग टीमों द्वारा कलेक्ट्रेट के अलावा सोमनाथ और रोडवेज डिपो के सामने की गई जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिला मुख्यालय पर इस कार्रवाई के बाद स्कूल व बाल वाहिनी संचालकों में खलबली मची हुई है।