जयपुर, 23 फरवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में हुए करोडों रुपए के घोटाले से जुडे मामले में एसीबी को कार्रवाई करने को कहा है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश टीएन शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान एसीबी के डीआईजी और मामले में गठित सीआईटी के मुखिया आनंद शर्मा अदालत में पेश हुए। उनकी ओर से प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश की गई और अदालत से समय मांगा। इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि अब तक प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इतना समय बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं की गई है। इसके साथ ही अदालत ने अदालत ने मामले की सुनवाई 9 मार्च को रखते हुए कहा है कि इस दौरान एसीबी मामले में कार्रवाई करे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पीसी भंडारी ने बताया कि अदालती आदेश के बाद याचिकाकर्ता ने 27 शिकायत रिकॉर्ड सहित एसीबी में पेश की है, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एसीबी ने सिर्फ एक मामले में चार माह पहले एफआईआर दर्ज की और चार दिन पहले की शिकायतकर्ता के बयान लिए गए। अदालत ने गत दिनों भी एसीबी डीआईजी को कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन अभी भी उनकी ओर से समय ही मांगा जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि मामले में एसीबी जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही है। याचिकाकर्ता तथ्यों और दस्तावेजों के साथ एसीबी को शिकायत देता आ रहा है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार तो एक प्रकरण में अधिकारी ने कार्यादेश पर व्हाइटनर लगाकर समयावधि को कई बार बढाया। इसके बावजूद भी एसीबी ऐसे मामलों में भी कुछ नहीं कर रही है।