26 साल पुराने मालपुरा सांप्रदायिक दंगा मामले के दस आरोपी दोषमुक्त

जयपुर, 15 अप्रैल । शहर की साम्प्रदायिक दंगा मामलों की विशेष कोर्ट ने करीब 26 साल पहले 10 जुलाई, 2000 को मालपुरा में हुए साम्प्रदायिक दंगे में चार जनों की हत्या के मामले में दस आरोपियों को संदेह लाभ में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने मोहम्मद इम्तियाज, अब्दुल रज्जाक, साजिद अली, फहीम अहमद, ईशाक, अब्दुल वाहिद, रकीब अहमद, मुनीर, रऊफ व नवाब को दोषमुक्त किया है। इस मामले में ज्यादातर गवाह पक्षद्रोही हो गए थे और आरोपियों के खिलाफ हत्या व हत्या का प्रयास साबित नहीं होने के कारण कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।

आरोपियों के अधिवक्ता वाहिद नकवी ने बताया कि आरोपियों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी और जेल से पहले ही पुलिस थाने में उनकी पहचान उजागर हो गई थी। जिन अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लंबित थी, उनके खिलाफ नई साक्ष्य ही पेश नहीं हो पाई थी। जिन हथियारों से हत्या होने का दावा किया गया था, उन पर खून ही नहीं था। ऐसे में अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ हत्या व हत्या का प्रयास का आरोप साबित ही नहीं कर सके। वहीं ज्यादातर गवाह पक्षद्रोही भी हो गए। इसके चलते ही कोर्ट ने दस आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। गौरतलब है कि जुलाई 2000 को परिवादिया मंजू देवी ने मालपुरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जीप में जाते समय उन पर हमला हुआ। इस हमले में 4 जनों की मौत हुई और दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया, लेकिन कोर्ट में आरोप व अपराध साबित नहीं होने पर दस आरोपियों को बरी कर दिया।