अंबिकापुर : सरगुजा के राजनाथ यादव ने डेयरी व्यवसाय से खड़ा किया सालाना 10 लाख का साम्राज्य

अंबिकापुर, 15 अप्रैल । छत्तीसगढ़ सरकार की पशुधन विकास योजनाओं और आधुनिक तकनीक के संगम ने सरगुजा जिले के किसानों की तकदीर बदल दी है। लुण्ड्रा विकासखंड के ग्राम दोरना के निवासी राजनाथ यादव आज क्षेत्र के प्रगतिशील पशुपालकों के लिए एक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी पारंपरिक खेती और स्थानीय नस्ल के पशुओं तक सीमित रहने वाले राजनाथ ने पशु चिकित्सा विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अपनी कड़ी मेहनत से श्वेत क्रांति को नई दिशा दी है।

वर्तमान में वे डेयरी व्यवसाय के माध्यम से तमाम खर्चे काटकर सालाना 10 से 12 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘कृत्रिम गर्भाधान’ (AI) तकनीक का सफल प्रयोग है, जिसके माध्यम से उन्होंने अपने घर पर ही एचएफ जैसी उन्नत नस्ल की बछिया तैयार की हैं। अब उन्हें बाहर से महंगे पशु खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

पशुधन विभाग के निरंतर सहयोग और उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन की उपलब्धता ने राजनाथ के पशुपालन के तरीके को पूरी तरह आधुनिक बना दिया है। आज उनके पास 40 से 50 उन्नत नस्ल की गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 300 से 350 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। राजनाथ की इस लगन और सफलता को देखते हुए हाल ही में लुण्ड्रा में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें ‘उन्नत पशुपालक’ के सम्मान से नवाजा।

राजनाथ अपनी इस कामयाबी का श्रेय प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों और वेटनरी विभाग के सक्रिय सहयोग को देते हैं। उनका मानना है कि सही दिशा-निर्देश और तकनीक को अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को न केवल मजबूत किया जा सकता है, बल्कि पशुपालन को सबसे लाभप्रद व्यवसाय के रूप में भी स्थापित किया जा सकता है।