सुपारी देकर पति की हत्या कराने की आरोपित महिला गोवा से गिरफ्तार, नेपाल लाया गया

काठमांडू, 03 मई । नेपाल के महोत्तरी जिला पुलिस ने ‘शार्प शूटर’ को सुपारी देकर अपने ही पति की हत्या कराने के आरोप में एक महिला और उसकी दो बहनों को सात साल बाद भारत से गिरफ्तार किया है। इनमें महोत्तरी के बर्दिवास नगरपालिका गौरीडाँडा निवासी 38 वर्षीय पूजा बस्नेत, उनकी बहनें 33 वर्षीय निशा बस्नेत और 36 वर्षीय आरती बस्नेत शामिल हैं।

महोत्तरी जिला पुलिस बर्दिबास के डीएसपी विकास बम के अनुसार, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पूजा ने सात वर्ष पहले अपनी पाँच बहनों और माँ की मदद से शार्प शूटर का इस्तेमाल कर अपने पति श्रवण थापा की हत्या कराई थी। हत्या के बाद आरोपित भारत में रह रहे थे। उन्हें भारत के गोवा से भारतीय सुरक्षाबलों की मदद से नेपाल के बाँके जिला तक लाया गया जहां नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र से नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया और शनिवार को महोत्तरी लाया गया। फिलहाल उन्हें जिला प्रहरी कार्यालय महोत्तरी की हिरासत में रखकर आगे की जांच की जा रही है।

इस मामले में शामिल 12 आरोपितों में से चार को पुलिस ने घटना के समय ही गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, मृतक की सास लक्ष्मी बस्नेत, सालियाँ कोपिला बस्नेत, अनुसा बस्नेत, सोनी बस्नेत और कथित शूटर जाल मोहम्मद अब भी फरार हैं।

घटना के अनुसार, २२ अगस्त २०१९ की रात बर्दिवास–सिन्धुली सड़क खंड स्थित स्मृति पार्क के पास श्रवण थापा अपने स्कूटर के साथ गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। स्कूटर सुरक्षित थी लेकिन उनके सिर पर गहरी चोट थी। अस्पताल पहुँचाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

घटना की प्रकृति देखकर पुलिस को शुरू से ही संदेह था कि यह सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। पति की मौत के बाद पूजा थापा ने स्वयं शोक संस्कार भी पूरा किया था। इसी दौरान पुलिस ने गुप्त रूप से जांच आगे बढ़ाई। जांच में पता चला कि हत्या से कुछ दिन पहले श्रवण ने गौरीडाँडा की एक जमीन 20 लाख रुपये में बेची थी। आर्थिक कारणों से हत्या की आशंका के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा को निगरानी में रखकर जांच शुरू की थी।

इसी बीच पुलिस ने हत्या में संलिप्तता के आरोप में नेपाल के सर्लाही जिले के प्रमोद सिंह और मुकेश साह तथा रौतहट जिले के ज्ञानारायण महरा और नरेश सहनी को गिरफ्तार किया था। इन गिरफ्तारियों की जानकारी मिलते ही पूजा, निशा और आरती फरार हो गए थे। उस समय तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

शुरुआत में गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस को बताया था कि पूजा ने अपने पति की हत्या के लिए पाँच लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपितों ने बयान दिया कि उन्होंने रात में सुनसान जगह पर पत्थर से सिर पर हमला कर श्रवण की हत्या की। जनकपुर अंचल अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर पत्थर से वार किए जाने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस के अनुसार, पूजा ने बयान दिया है कि पति के नशे की लत और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने हत्या कराई।

गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पाँच लाख रुपये में हत्या का सौदा तय हुआ था लेकिन हत्या के बाद उन्हें केवल तीन लाख रुपये ही दिए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अंतिम संस्कार के बाद पूजा, उसकी माँ और बहनें भागकर भारत के गोवा में रहने लगी थीं। डीएसपी विकास बम के नेतृत्व में उन्हें भारत से नेपालगंज लाकर गिरफ्तार किया गया। बाँके पुलिस की मदद से गिरफ्तार आरोपितों को रविवार को महोत्तरी जिला अदालत में पेश किया गया।

जिला अदालत से उनके खिलाफ संगठित अपराध और हत्या के मामले में पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका था। डीएसपी बम ने बताया कि इस मामले में फरार अन्य आरोपितों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।