फतेहपुर, 20 जून । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को खागा तहसील में अधिवक्ताओं ने आबकारी विभाग की भूमि पर बने अपने चेम्बर हटाने पर नाराजगी जताई और समाधान दिवस पर मौजूद मुख्य विकास अधिकारी से चेम्बर हटाने से पहले वैकल्पिक जगह देने की मांग उठाई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामसखा ने कहा कि आबकारी विभाग की खाली पड़ी जमीन पर वकीलों ने करीब 08 साल पहले चेम्बर बना लिए थे। 12 जून 2026 को आबकारी इंस्पेक्टर रमेश सिंह ने सभी अधिवक्ताओं को आबकारी विभाग की जमीन से चेम्बर हटाने की चेतावनी दी थी। आज खागा के अधिवक्ता एकजुट होकर वरिष्ठ अधिवक्ता रामसखा द्विवेदी के नेतृत्व में मुख्य विकास अधिकारी से मिले और मांगपत्र देते हुए कहा कि तहसील में विधि व्यवसाय करने वालों के लिए बैठने की जगह प्रशासन की जिम्मेदारी है। आबकारी भूमि का पहले चिन्हांकन हो, ताकि पता चल सके कितने चेम्बर प्रभावित हैं। प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए उचित स्थान पर नए चेम्बर बनाने को जगह दी जाए। जगह उपलब्ध कराने के बाद ही मौजूदा चेम्बर हटाए जाएं।
रामसखा द्विवेदी ने कहा “अगर वकील का चेम्बर ही नहीं रहेगा तो वो कोर्ट में कैसे खड़ा होगा। प्रशासन पहले व्यवस्था करे, फिर कार्रवाई करे।
पत्र देने के समय मोहम्मद इसराइल फारूकी, श्याम कुमार गुप्ता, पंकज, अखिलेश यादव, आशीष शुक्ला, नीतू जायसवाल, स्मिता, कृष्णा, आदर्श सिंह, कमलेश लोधी, प्रशांत कुमार समेत आधा सैकड़ा अधिवक्ता मौजूद रहे।