हरिद्वार, 07 जून । चंडी देवी मंदिर रोपवे मार्ग के पास मिली अज्ञात महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करीब 25 दिनों की मैराथन जांच, 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और लाखों मोबाइल नंबरों के तकनीकी परीक्षण के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने रविवार को पत्रकारों के समक्ष हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 10 मई 2026 को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास बंद पड़े पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव काफी पुराना और सड़-गल चुका था, जिससे उसकी पहचान करना बेहद कठिन हो गया था। घटनास्थल से दो कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, एक सफेद गमछा और महिला के गले में कसकर बंधा ब्लाउज बरामद हुआ था।
मामले की जांच एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। पुलिस ने मृतका की पहचान और हत्यारोपितों तक पहुंचने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। जांच के दौरान मृतका के हाथों पर बने टैटू अहम सुराग साबित हुए। महिला के हाथ पर कौशल्या नाम और अन्य निशान गुदे हुए मिले थे।
पुलिस ने 2019 से अब तक की गुमशुदगी रिपोर्टों, निर्वाचन अभिलेखों, सोशल मीडिया और तकनीकी डाटा का व्यापक विश्लेषण किया। लगभग 1.64 लाख मोबाइल नंबरों और 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान 8 मई 2026 की फुटेज में तीन संदिग्ध पुरुषों के साथ एक महिला चंडी देवी मंदिर की ओर जाते दिखाई दी। वापसी के दौरान महिला उनके साथ नहीं थी।
एसएसपी ने बताया कि तकनीकी जांच और रूट विश्लेषण के आधार पर पुलिस की जांच उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची। वहां से राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा और छेदीलाल के नाम सामने आए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतका बांदा के वासी पप्पू की पत्नी कौशल्या थी और उसका रामप्रकाश से प्रेम संबंध था।
पुलिस के अनुसार रामप्रकाश पहले से विवाहित था। कौशल्या उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपितों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से कौशल्या को चंडी देवी दर्शन के बहाने हरिद्वार बुलाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग बरामद किया है।
मामले के सफल खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये तथा एसएसपी हरिद्वार ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।