रांची, 25 जून । डायन-बिसाही का आरोप लगाकर एक महिला की हत्या करने के मामले में रांची सिविल कोर्ट ने दोषी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने आरोपित बाशो देवी उर्फ बसंती देवी को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला नामकुम थाना क्षेत्र के जामुनटोली गांव में 23 जुलाई 2022 को हुई एक महिला की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, घटना के दिन सुबह करीब पांच बजे सीमा देवी गांव के चापाकल के पास बर्तन धो रही थीं। इसी दौरान आरोपित बाशो देवी वहां पहुंची और कथित रूप से साबल से उनके सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से सीमा देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित अपने बेटे की बीमारी के लिए सीमा देवी को जिम्मेदार मानती थी और उन पर डायन-बिसाही का आरोप लगाती थी। इसी अंधविश्वास और वैमनस्य के कारण घटना को अंजाम दिया गया।
मामले के प्रत्यक्षदर्शी मृतका के पति चामू लोहरा थे, जिनकी गवाही को अदालत ने महत्वपूर्ण माना। प्राथमिकी के अनुसार, चामू लोहरा के भाई जीतराम लोहरा की वर्ष 2012 में मृत्यु हो गई थी। इसके दो वर्ष बाद उनके इकलौते पुत्र कृष्णा लोहरा की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वहीं चामू लोहरा और उनकी पत्नी सीमा देवी निःसंतान थे।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि चामू लोहरा और उनके दिवंगत भाई की जमीन पर कब्जा करने की मंशा से आरोपित लगातार सीमा देवी पर डायन-बिसाही का आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित करती थी, बदनाम करती थी और मारपीट भी करती थी। अंततः 23 जुलाई 2022 को उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद नामकुम थाना में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र केवल बाशो देवी उर्फ बसंती देवी के खिलाफ दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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