कर्मचारियों की समस्या का समाधान संवाद व वार्ता से, धमकी से नहीं: संघ

पलामू, 02 जून । झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं उप विकास आयुक्त से मंगलवार को मुलाकात कर आंदोलनरत मनरेगाकर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया।

संघ ने उपायुक्त से दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद और सम्मानजनक समाधान का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को बताया कि मनरेगाकर्मी विगत 83 दिनों से ग्रेड पे आधारित मानदेय, स्थायी समायोजन और मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को समुचित मुआवजा एवं अनुकम्पा के आधार पर रोजगार देने की मांग को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं।

यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पदाधिकारी के विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए संचालित किया जा रहा है। संघ ने उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को अवगत कराया कि सरकार एवं विभाग की ओर से लगातार चेतावनी, दमनात्मक आदेश एवं कार्रवाई की बात कही जा रही है, जबकि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संवाद और वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए। मनरेगा कर्मी भी समाधान चाहते हैं, टकराव नहीं।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्वीकार किया कि मनरेगाकर्मियों के हड़ताल पर रहने से जिले में मनरेगा योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। योजनाओं के क्रियान्वयन की गति धीमी हुई है। मानव दिवस सृजन में गिरावट आई है।

संघ का स्पष्ट मत है कि मनरेगाकर्मियों की भूमिका योजना के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण है और यही कारण है कि राज्य सरकार को कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकालना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार और विभाग के समक्ष मनरेगाकर्मियों की वास्तविक स्थिति और पीड़ा को प्रमुखता से रखें एवं अब सकारात्मक पहल कर सम्मानजनक समाधान का मार्ग प्रशस्त करें।