भोपाल, 09 जून । मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के अवयवों की तस्करी और अवैध व्यापार में संलिप्त चार आरोपिताें को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपिताें के कब्जे से लगभग पांच किलोग्राम पैंगोलिन की शल्क (स्केल), एक मोटरसाइकिल और एक चार पहिया वाहन जब्त किया गया। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/24 दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभरंजन सेन के निर्देशों तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के आधार पर एसटीएसएफ की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने कटनी जिले के झिन्ना पिपरिया-खमतरा-ढीमरखेड़ा रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर 8 जून 2026 को दुर्लभ वन्यजीव पेंगोलिन के अवयवों की तस्करी के 4 आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपिताें में देवीदीन विश्वकर्मा निवासी डिंडोरी, कृपाल सिंह मरकाम और मुकेश कुमार विश्वकर्मा निवासी उमरिया तथा विजय कुमार ग्राय निवासी जबलपुर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपिताें के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों को एसटीएसएफ के लिए अधिकृत विशेष न्यायालय, जबलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। एसटीएसएफ वन रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार पैंगोलिन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित दुर्लभ वन्यजीव है। पैंगोलिन संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रजाति के अवैध शिकार और व्यापार को गंभीर, संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध माना गया है, जिसके लिए न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर अधिकतम 7 वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।