भोपाल, 09 जून । मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) ने विद्युत उत्पादन क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण और ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, दोंगलिया के सभी विद्युत उत्पादन इकाइयों में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप उन्नत डिविजनल सेटलमेंट मशीन (डीएसएम) सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया है।
कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रणाली विद्युत गृह को वास्तविक समय में ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सटीक, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संचालन करने में सक्षम बनाएगी। इसके साथ ही पॉवर जनरेटिंग कंपनी राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, निर्धारित विद्युत उत्पादन के अनुपालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा चुकी है।
प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर कहा कि “डीएसएम विद्युत उत्पादन कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणाली है। सटीक पूर्वानुमान, स्मार्ट जनरेशन प्रबंधन तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग में इसकी भूमिका निर्णायक है। इस उन्नत का सफल क्रियान्वयन न केवल ग्रिड संतुलन को और मजबूत करेगा, बल्कि कंपनी को आधुनिक, दक्ष एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्युत उत्पादन प्रणाली विकसित करने में भी यहां भूमिका निभाएंगी।”
क्या होता है डीएसएम सिस्टम
विद्युत उत्पादन क्षेत्र में केवल बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड के साथ उसका संतुलित समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2024 में डीएसएम रेग्युलेशन लागू किए गए हैं। डीएसएम एक ऐसी नियामकीय व्यवस्था है, जिसके माध्यम से निर्धारित एवं वास्तविक विद्युत उत्पादन अथवा उपभोग के बीच होने वाले अंतर की निगरानी और प्रबंधन किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रिड अनुशासन को सुदृढ़ करना तथा विद्युत प्रणाली को सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय बनाए रखना है।
डीएसएम प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उत्पादन इकाइयों को निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप संचालन के लिए सक्षम बनाती है। इससे ग्रिड स्थिरता में सुधार, परिचालन दक्षता में वृद्धि, डीएसएम शुल्कों में कमी तथा नियामकीय अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान समय में जब नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और ग्रिड संचालन अधिक जटिल होता जा रहा है, ऐसे में उन्नत डीएसएम प्रणाली आधुनिक विद्युत गृहों के लिए एक अनिवार्य तकनीकी उपकरण के रूप में उभर रही है।
श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह में स्थापित उन्नत डीएसएम सिस्टम के माध्यम से अब ग्रिड फ्रीक्वेंसी, घोषित क्षमता , शेड्यूल्ड जनरेशन तथा वास्तविक विद्युत उत्पादन की लाइव मॉनिटरिंग एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। नियंत्रण कक्ष में स्थापित बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन पर उपलब्ध यह जानकारी संचालन अभियंताओं को त्वरित निर्णय लेने, उत्पादन को ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप समायोजित करने तथा संभावित विचलनों को न्यूनतम रखने में बेहद मददगार साबित होगी।