जयपुर, 28 जून । राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले दस हजार रुपये के इनामी डमी अभ्यर्थी चंद्रभान यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान में बीएएमएस प्रथम वर्ष का छात्र है। मामले में मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 के तहत 24 दिसंबर 2022 को विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित हुई थी। जांच में सामने आया कि करौली जिले के काचरोदा गांव निवासी मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा ने स्वयं परीक्षा नहीं दी, बल्कि उसकी जगह सीकर जिले के निवासी चंद्रभान यादव ने भरतपुर स्थित आगरा-जयपुर बाईपास पर सरस्वती मॉडर्न वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में बैठकर परीक्षा दी थी।
एसओजी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने के लिए चंद्रभान यादव और मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा के बीच एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस फर्जीवाड़े के जरिए अनिल कुमार मीणा परीक्षा उत्तीर्ण कर वरिष्ठ अध्यापक द्वितीय श्रेणी (विज्ञान विषय) पद पर चयनित भी हो गया था। गिरफ्तार आरोपी चंद्रभान यादव (26) सीकर जिले के अजीतगढ़ थाना क्षेत्र के किशोरपुरा स्थित चोपड़ा की ढाणी का निवासी है। उसके खिलाफ एसओजी थाना जयपुर में दर्ज प्रकरण के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।