कानपुर, 22 जुलाई । उत्तर प्रदेश में कानपुर नगर के बर्रा थाना की पुलिस और क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत दो आरोपितों को बुधवार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपित पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जबकि पुलिस उसके फरार साथी की तलाश में देश के बाहर तक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पत्रकाराें काे बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपित ओमकार यादव उर्फ राजवीर सिंह गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ बर्रा थाना में दर्ज साइबर ठगी के दो मुकदमों में वह वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस ने उसे उसके साथी शिवम सिन्हा के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का तीसरा सदस्य सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय शुक्ला उर्फ जॉन सीना उर्फ वेलेंटाइन फरार है। उसकी लोकेशन देश के बाहर मिली है और उसे जल्द गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, गिरोह डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर, प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करता था। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर फर्जी दस्तावेजों और खातों के माध्यम से ठिकाने लगाई जाती थी। शुरुआती जांच में विभिन्न बैंकों के 42 खाते सात मोबाइल नंबरों से संचालित होते मिले हैं। खातों में पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये का लेनदेन सामने आया है। करीब 35 से 40 लाख रुपये फ्रीज कराने की कार्रवाई चल रही है, जबकि चार करोड़ बारह लाख रुपये पहले ही फ्रीज कराए जा चुके हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का सरगना बेहद लग्जरी जीवनशैली का शौकीन था। उसने साइबर ठगी से अर्जित धन से कानपुर से लेकर औरैया तक करोड़ों रुपये की संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। इन संपत्तियों को चिन्हित कर कब्जे में लेने और जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा उसे महंगी लग्जरी कारों का भी शौक था। पुलिस इन वाहनों को भी जब्त करने की प्रक्रिया में जुटी है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लंबे समय तक दुबई में भी रह चुका है। उसके उपयोग में आने वाले कई मोबाइल नंबर वीआईपी श्रेणी के पाए गए हैं। पुलिस अब उसके विदेश में मौजूद संपर्कों, बैंक खातों और आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, अलग-अलग नामों के आधार कार्ड की प्रतियां और एक आई-20 कार बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।