गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन पर एफआईआर

गाजीपुर, 22 जुलाई । गाजीपुर जिले से सांसद अफजाल अंसारी एक बार फिर कानूनी शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं। कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी गिरोह (आईएस-191) से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर सांसद अफजाल अंसारी, दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।

गाजीपुर एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस गैंग के सदस्यों और सहयोगियों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे गए 145 हथियारों का सत्यापन कर रही है। जांच में कई मूल पत्रावलियां गायब मिली हैं और कई हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआत है और आने वाले दिनों में कई अन्य मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आईएस-191 गैंग के सदस्यों एवं सहयोगियों को जारी कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों की खरीद-बिक्री दर्ज है। इन सभी हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे वर्तमान में कहां हैं, किसके कब्जे में हैं और उनका किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

इस जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई हैं। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी भी इस जांच में शामिल हैं। सिर्फ गाजीपुर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालयों और अधिकृत शस्त्र विक्रेताओं के रिकॉर्ड का मिलान किया। शस्त्र लाइसेंसों, खरीद-बिक्री और संबंधित अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।

जांच के दौरान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय गाजीपुर के अभिलेखागार में कई शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियां और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। कई हथियारों की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी।

पुलिस का आरोप है कि संबंधित लाइसेंसधारकों और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सरकारी अभिलेख गायब कराए, ताकि हथियारों की वास्तविक स्थिति छिपाई जा सके और उनका उपयोग अपराधों में किया जा सके।

जांच में सांसद अफजाल अंसारी को जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-टू की मूल पत्रावली और खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख भी गायब पाए गए। इसी लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोतवाली गाजीपुर में मुकदमा दर्ज कर आरोपित बनाया गया है।