सूरजपुर : फाइलेरिया के गंभीर मरीजों को मिल रहा दिव्यांगता प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

सूरजपुर, 07 जुलाई । आज मंगलवार को जिला प्रशासन की विशेष पहल के तहत फाइलेरिया (हाथीपांव) से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे मरीजों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।

कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों की पहचान कर रहा है, जो फाइलेरिया के उन्नत चरण के कारण दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं। चिकित्सीय मानकों के अनुसार जिन मरीजों में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता पाई जा रही है, उन्हें जिला मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर फाइलेरिया से प्रभावित मरीजों की पहचान कर रही है। पात्र मरीजों को प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें पेंशन, उपचार और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में भैयाथान के दो हाथीपांव से पीड़ित मरीज दिल साय और बाबूलाल को जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. दीप कुमार और सलाहकार विवेक सदन नाविक ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में हाथीपांव या अंडकोष में सूजन जैसे फाइलेरिया के लक्षणों से पीड़ित व्यक्ति हों, तो इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को दें।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रभावित मरीज आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला अस्पताल या अपने निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस अभियान में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम, सर्जन डॉ. संदीप जायसवाल, अस्पताल सलाहकार निलेश गुप्ता, अर्जना सोनी और एमटीएस सी.के. माहेश्वरी का विशेष सहयोग रहा।