जयपुर, 28 जुलाई । कारागार विभाग के हाल ही में जारी कैडर रिव्यू को लेकर जेल कर्मचारियों और कर्मचारी महासंघ में असंतोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर विभाग में लगभग 5 हजार से अधिक नए पदों के सृजन की मांग की है।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि गृह विभाग की ओर से जारी कारागार विभाग के कैडर रिव्यू (स्वीकृति आदेश 02/2026-27) में जेलों की वास्तविक स्थिति की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले प्रहरी वर्ग के 47 पद कम कर दिए गए हैं, जबकि वर्तमान में ही जेलों में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है।
राठौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में जेलों की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल चुकी है। तकनीक और कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की पेशी, उप-जेलों का जिला जेलों में क्रमोन्नयन तथा नए खुला बंदी शिविरों की स्थापना के कारण अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ी है। इसके साथ ही जेलों में बंदियों की संख्या लगातार बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।
महासंघ का कहना है कि इन परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने कैडर रिव्यू में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 3863 ही रखी है और प्रहरी के पद घटाकर उन्हें मुख्य प्रहरी तथा उप-कारापाल पदों में समायोजित कर दिया है।
महासंघ ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांग की है कि जेल मुख्यालय समिति की रिपोर्ट और मॉडल जेल मैनुअल के मानकों के अनुरूप कारागार विभाग में 5 हजार से अधिक नए पदों का सृजन कर कर्मचारियों की कमी दूर की जाए।