चिकित्सा सेवाओं को सुरक्षित और सुलभ बनाने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई

रायगढ़ , 31 अगस्त ।कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों तथा बिना वैध अनुज्ञा के चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुज्ञा के लोगों का उपचार करने अथवा किसी भी प्रकार की चिकित्सा या शल्य चिकित्सा करने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा ऐसे मामलों में लगातार निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रखी जा रही है और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी बीमारी की स्थिति में झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराने के बजाय निकटतम शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा पंजीकृत चिकित्सक से ही उपचार कराएं, ताकि सही जांच और उचित उपचार सुनिश्चित हो सके।

इधर, आम लोगों को महंगे इलाज और दवाइयों के खर्च से राहत दिलाने के उद्देश्य से जिले के लगभग सभी विकासखंडों में जनऔषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां सामान्य बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जनऔषधि केंद्रों में कई दवाइयां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों के उपचार पर होने वाला खर्च काफी कम हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जेनेरिक दवाइयां गुणवत्ता और प्रभावशीलता के मामले में निर्धारित मानकों के अनुरूप होती हैं। इन दवाओं की उपलब्धता का उद्देश्य लोगों को किफायती दर पर आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराना और उपचार के आर्थिक बोझ को कम करना है। दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता से लोगों को आवश्यक दवाइयां आसानी से मिल रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि दवाइयां हमेशा चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही लें और अधिक कीमत वाली दवाइयों के विकल्प के रूप में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के बारे में चिकित्सक या फार्मासिस्ट से जानकारी प्राप्त करें। साथ ही किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना वैध अनुमति चिकित्सा कार्य किए जाने की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।