इंदौर, 12 अगस्त । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रदेश में एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को इंदौर के पालदा स्थित उमापति इंडस्ट्रीज में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। यहां लो-फैट पनीर के निर्माण और पैकिंग का काम चल रहा था।
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई कमियां मिलने पर टीम ने 450 किलो पनीर जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.17 लाख रुपए बताई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री में पनीर का निर्माण तत्काल बंद करा दिया है। मौके से पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ड्रेनेज से लेकर स्टोरेज तक मिली खामियां
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर में ड्रेनेज व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। दीवारों पर गंदगी थी और रॉ मैटेरियल को निर्धारित तरीके से पैलेट्स पर नहीं रखा गया था। स्टोरेज की व्यवस्था भी अव्यवस्थित पाई गई। इसके अलावा खाद्य उत्पाद के लेबल पर दर्ज न्यूट्रिशनल इंफॉर्मेशन से संबंधित जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं थी। पनीर की सामग्री सूची में पानी के इस्तेमाल का उल्लेख था, लेकिन निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की जांच रिपोर्ट भी टीम को नहीं मिली।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर मौजूद करीब 450 किलोग्राम लो-फैट पनीर जब्त किया। इसकी कीमत करीब 1.17 लाख रुपए आंकी गई है। टीम ने पनीर का सैंपल भी लिया, जिसे प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण प्रक्रिया तत्काल रोकी
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री की परिस्थितियां खाद्य पदार्थ के निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं पाए जाने पर विभाग ने पनीर का निर्माण तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में प्राकृतिक दूध से बने पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा एनालॉग पनीर को प्रोत्साहित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी इंदौर में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। खाद्य सुरक्षा विभाग अब लिए गए नमूने की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।