पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर भाजपा सांसद संसद में जवाब दें : परविंदर सिंह

पूर्वी सिंहभूम, 22 अगस्त । पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने शनिवार को भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा से जवाबदेही तय करने की मांग की।

परविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और विद्युत वरण महतो लगातार सांसद चुने जाते रहे हैं। इसके बावजूद जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आते रहे, तब उन्होंने छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से क्यों नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि अब प्रेस वार्ता कर परीक्षाओं की अनियमितताओं पर बयान देना महज बयानबाजी है। यदि भाजपा सांसद वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें संसद में इन मामलों को प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांगना चाहिए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सांसद परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जिन मामलों की जांच पहले से केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर चल रही है, उनमें दोषियों के खिलाफ अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केवल जांच की मांग करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई भी जरूरी है।

परविंदर सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। छात्र वर्षों तक मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उनके परिवार भी उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद लगाए रहते हैं। ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताएं उनकी मेहनत, उम्मीदों और सपनों पर सीधा आघात हैं।

उन्होंने भाजपा से अपने शासनकाल में सामने आई परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय हो। साथ ही, पेपर लीक अथवा अन्य अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई होनी चाहिए।

परविंदर सिंह ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई की जरूरत है। केंद्र सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ दोषियों की जवाबदेही तय कर छात्रों का भरोसा बहाल करना चाहिए।———–