बरेली, 12 अगस्त । पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने मंडल के 660 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच संस्करण 4.0 लगाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 295 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कवच की स्थापना के बाद ट्रेनों के परिचालन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर किया जा सकेगा।
कवच भारतीय रेलवे की ओर से स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है। इसका उद्देश्य सिग्नल पास्ड एट डेंजर (एसपीएडी) की घटनाओं और ट्रेनों की टक्कर को रोकना है। यह प्रणाली ट्रेन की गति और परिचालन स्थिति की लगातार निगरानी करती है। निर्धारित परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर यह स्वत: ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित नियंत्रित करने में सक्षम है।
इज्जतनगर मंडल के जिन रेलखंडों को कवच 4.0 के दायरे में शामिल किया गया है, उनमें कुल 53 स्टेशन आते हैं। इनमें कासगंज-इज्जतनगर रेलखंड के 12, इज्जतनगर-काठगोदाम के नौ, लालकुआं-रामपुर के पांच, लालकुआं-काशीपुर के चार, रामनगर-कटघर के चार, भोजीपुरा-टनकपुर के नौ, पीलीभीत-शाहजहांपुर के चार, पीलीभीत-मैलानी के पांच और मंधना जंक्शन-ब्रह्मावर्त के एक स्टेशन शामिल हैं।
कवच प्रणाली की स्थापना से घने कोहरे समेत प्रतिकूल मौसम में भी ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रेनों की अधिकतम अनुमेय गति पर सुरक्षित संचालन, परिचालन विश्वसनीयता और दक्षता में भी सुधार होगा।
जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने बताया कि 660 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच 4.0 की स्थापना से इज्जतनगर मंडल की संरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक प्रणाली ट्रेन परिचालन की निगरानी को बेहतर बनाने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।