नाहन, 25 सितंबर । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने हकों और हितों की लड़ाई में किसी के आगे नहीं झुकेगा। सीएम ने शुक्रवार काे सिरमौर जिला के सराहां में वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह पर जनसभा को संबोधित करते हुए यह कहा।
सीएम ने कहा कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर हाल में हुआ समझौता राज्य सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है। कई सालों से इस पर सहमति नहीं बन पा रही थी। पिछली भाजपा सरकार बिजली परियोजना का खर्च वहन करने को तैयार हो गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने स्पष्ट किया कि पानी की जरूरत वाले राज्य ही इसका खर्च उठाएं। हिमाचल से यह खर्च वसूलना न्यायोचित नहीं था। इस समझौते से प्रदेश के करीब 3000 करोड़ रुपये बचेंगे और परियोजना शुरू होने पर हर साल 1200 से 1500 करोड़ की आय होगी।
सीएम ने कहा कि बीबीएमबी के बकाया भुगतान को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद है। वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में 23 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में जीत से 401 करोड़ रुपये राजकोष में आए हैं और होटल से हर महीने करीब 2 करोड़ की आय हो रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने आरडीजी बंद कर दी है, जिससे प्रदेश को 8000 से 10000 करोड़ का नुकसान हुआ है। फिर भी सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर वेतन-पेंशन दे रही है और बकाया चुका रही है। क्लास-3 पेंशनरों का पूरा बकाया दिया जा चुका है और महंगाई भत्ते की शेष किस्तें भी समय पर दी जाएंगी। सरकार ने पहली ही कैबिनेट में OPS बहाल की।सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण लोगों की मासिक आय 25-30 हजार करना है। दू
उन्होंने पिछली भाजपा सरकार पर बद्दी-बरोटीवाला में 5000 बीघा से ज्यादा जमीन सस्ते दामों पर चहेते उद्योगपतियों को देने का आरोप लगाया। आपदा पर कहा कि सरकार ने पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों की सहायता 1.5 लाख से बढ़ाकर 8.5 लाख की, जबकि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ की सहायता अभी तक नहीं मिली है। भ्रष्टाचार पर अंकुश से सरकार ने 3000 करोड़ बचाए हैं, जो अनाथ बच्चों, विधवाओं के कल्याण पर खर्च हो रहे हैं।
इस दौरान सीएम ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए और स्मारिका का विमोचन किया।