पश्चिमी सिंहभूम, 25 सितंबर । जिले में स्कूली बच्चों की आंखों से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत श्रद्धानंद बालिका मध्य विद्यालय, चाईबासा में आयोजित प्रशिक्षण में सदर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के 127 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों की प्रारंभिक नेत्र जांच और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। सदर अस्पताल चाईबासा के नेत्र पदाधिकारी डॉ. मनोज सिंह मुंडा ने बताया कि बच्चों में दृष्टि संबंधी परेशानी का समय पर पता चलने से उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने दृष्टि दोष के संभावित कारणों और बच्चों में दिखाई देने वाले शुरुआती लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर बच्चों की आंखों की प्रारंभिक जांच करने के सरल तरीकों को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। साथ ही बताया गया कि यदि किसी बच्चे में दृष्टि संबंधी परेशानी के लक्षण मिलते हैं तो उसे आगे की जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित चिकित्सा विशेषज्ञ के पास भेजा जाए।
प्रशिक्षण में सदर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों की आंखों की देखभाल और दृष्टि दोष की शुरुआती पहचान के लिए सक्षम बनाना था।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल की नेत्र सहायक कविता महतो, प्रखंड संसाधन केंद्र चाईबासा की प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शकुंतला बानरा और विशेष शिक्षिका प्रतिमा कालुंडिया मौजूद रहीं।———–