पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई नहीं होने से सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर सवाल : बाबूलाल मरांडी

रांची, 07 सितंबर । झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएसएससी-सीजीएल मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्य नष्ट कराने के आरोपों से घिरे अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने में मुख्यमंत्री की हिचकिचाहट कई सवाल खड़े करती है।

मरांडी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों की ओर से लगाए गए पेपर लीक के आरोपों को गलत साबित करने पर आमादा थे। उन्होंने सवाल किया कि वे खुले तौर पर मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश क्यों कर रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड के छात्र और बेरोजगार आज यही सवाल पूछ रहे हैं। जिस अधिकारी की भूमिका पर जांच को प्रभावित करने के गंभीर सवाल उठ रहे हों, उस पर कार्रवाई किए बिना सीआईडी की जांच और उसकी निष्पक्षता पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि उन्हें राज्य के लाखों युवा बेरोजगारों के भविष्य की चिंता है तो इस मामले में हिम्मत दिखानी चाहिए। अनुराग गुप्ता की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मरांडी ने कहा कि जांच से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें सजा नहीं मिलेगी, तो भविष्य में किसी अधिकारी को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से डर नहीं लगेगा।————