अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत टीएमसी में जागरूकता शिविर आयोजित

धर्मशाला, 07 सितंबर । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कांगड़ा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत टांडा मेडिकल कालेज कांगड़ा में सोमवार को जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित श्रोताओं को बधिरता एवं श्रवण संबंधी समस्याओं के कारणों, बचाव, समय पर पहचान एवं उपचार के साथ-साथ बधिर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती ने की। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके सूद, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ सरोच, मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ ओमेश भारती ने कहा कि जागरूकता गतिविधियां करने का उद्देश्य आमजनमानस में इस दिन से जुड़ी जानकारी व जागरूकता बढ़ाना है। जिलास्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके सूद ने कहा कि लगातार तेज आवाज में संगीत सुनना तथा ईयरफोन या हेडफोन का अत्यधिक एवं अनुचित उपयोग भी सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ राजेंद्र प्रसाद टांडा मेडीकल कालेज के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुनीष सरोच ने उपस्थित नर्सिंग विद्यार्थियों एवं श्रोताओं को अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सुनने की क्षमता में कमी किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। बच्चों में जन्मजात कारणों के अलावा कान में संक्रमण, तेज आवाज के लगातार संपर्क, कान में चोट, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी श्रवण क्षमता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कानों की उचित देखभाल, कान में अनावश्यक वस्तुएं न डालने, कान के संक्रमण का समय पर उपचार करवाने तथा अत्यधिक तेज आवाज से बचने की सलाह दी।