नई दिल्ली, 13 सितंबर । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राजधानी के भारत मंडपम में भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के दूसरे दिन रविवार को ब्रिक्स देशों के बीच एक नए बीमा तंत्र और अनाज बाजार के लिए संयुक्त पहल का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही उन्होंने गंभीर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समूह से समग्र नजरिया अपनाने का आह्वान किया।
पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ ही ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों में आर्थिक वृद्धि के लिए नई पहल की पेशकश की। पुतिन ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में कहा, ”हमारे पास पूंजी, श्रम और प्रौद्योगिकियों की आवाजाही के स्वतंत्र मार्ग भी हैं। वास्तव में हम बाहरी दबाव की परवाह किए बिना काम कर सकते हैं।”
उन्होंने अधिक विवरण दिए बिना कहा, ”भविष्य के लिए हमारे पास कुछ आशाजनक पहल हैं, जैसे बीमा तंत्र तैयार करना और अनाज बाजार बनाना। ये रूस के प्रस्ताव हैं और हम अन्य सभी सदस्य देशों को इनका लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
पुतिन ने नव विकास बैंक (एनडीबी) के कामकाज की भी सराहना की और कहा कि यह 140 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की परियोजनाओं का प्रबंधन कर रहा है। एनडीबी ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित एक बहुपक्षीय विकास बैंक है।
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफलतापूर्वक समापन के बाद राष्ट्रपति पुतिन रविवार को रूस के लिए रवाना हो गए।
उल्लेखनीय है कि जी-7 देशों, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने पश्चिमी कंपनियों पर रूसी कच्चे तेल का परिवहन करने वाले किसी भी जहाज का बीमा करने पर कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंध लगा रखा है। बीमा क्षेत्र से जुड़े इन प्रतिबंधों ने रूसी कच्चे तेल के निर्यात को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।