डिग्गी से 2.24 लाख रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य मुंबई से गिरफ्तार

पन्ना, 22 सितंबर । बैंक से बड़ी रकम निकालकर मोटरसाइकिल से घर जा रहे व्यक्ति की डिग्गी से 2 लाख 24 हजार रुपये की नकदी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो फरार सदस्यों को मध्‍य प्रदेश की पन्ना पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की लगातार तलाश और तकनीकी जांच के बाद की गई। दोनों आरोपी शहडोल जिले के व्योहारी के रहने वाले हैं। पुलिस की पूछताछ में गिरोह द्वारा पन्ना के साथ रीवा, सीधी और दमोह जिलों में भी इसी तरह की चोरी की वारदातों को अंजाम देने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह बैंक परिसरों और उनके आसपास सक्रिय रहता था। गिरोह के सदस्य बड़ी रकम निकालने वाले लोगों पर नजर रखते और बैंक से बाहर निकलने के बाद उनका पीछा करते थे। उपयुक्त मौका मिलते ही मोटरसाइकिल की डिग्गी खोलकर या नकदी से भरा बैग चोरी कर फरार हो जाते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर फरार आरोपियों की लोकेशन मुंबई में होने का पता चला।

इसके बाद पुलिस टीम ने मुंबई पहुंचकर दबिश दी और शहडोल जिले के व्योहारी निवासी अर्जुन सिंह कंजर तथा संतोष सिंह कंजर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके और अन्य वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह केवल पन्ना तक सीमित नहीं था, बल्कि मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देता था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पन्ना के अलावा रीवा, सीधी और दमोह जिलों में भी इस तरह की कई चोरी की वारदातों में गिरोह की संलिप्तता की जानकारी दी है। पुलिस अब इन जिलों में हुई समान प्रकृति की घटनाओं से आरोपियों के संबंधों की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को निशाना बनाना गिरोह का प्रमुख तरीका था। बैंक परिसर में ही ऐसे लोगों की पहचान कर उनके पीछे लग जाते थे। इसके बाद रास्ते में ऐसा स्थान तलाशते थे, जहां वाहन खड़ा करने या किसी अन्य कारण से व्यक्ति का ध्यान कुछ समय के लिए हटे। इसी दौरान वाहन की डिग्गी से नकदी निकालकर आरोपी फरार हो जाते थे।

पन्ना पुलिस की इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित मिश्रा सहित थाना पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही पन्ना साइबर सेल की टीम ने भी आरोपियों की तलाश और उनकी लोकेशन का पता लगाने में सहयोग किया। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस का कहना है कि अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही अन्य घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।